प्लेयर ऑफ द सीरीज बने वैभव सूर्यवंशी... लेकिन कोच वीवीएस लक्ष्मण ने बता दी सबसे बड़ी कमी

वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाई है. हालांकि वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि अगर वैभव अपनी फिटनेस पर और मेहनत करते हैं, तो वह आने वाले वर्षों में भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद मैच विनर्स में शामिल हो सकते हैं.

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वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे टूर पर 151 रन बनाए, जीता प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड. (Photo: Screengrab/FanCode) वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे टूर पर 151 रन बनाए, जीता प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड. (Photo: Screengrab/FanCode)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • हरारे,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:49 AM IST

जिम्बाब्वे दौरे पर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया के लिए तूफानी अंदाज में बैटिंग की. टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में 49 गेंदों पर 81 रनों की पारी खेलने वाले वैभव को ना सिर्फ प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, बल्कि पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड भी मिला.

तीसरे टी20I की समाप्ति के बाद टीम इंडिया के कार्यवाहक हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण ने युवा बल्लेबाज को लेकर कई अहम खुलासे किए. लक्ष्मण ने बताया कि वैभव की सफलता कोई अचानक हुई कहानी नहीं है. बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) पिछले ढाई साल से उनकी प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए था और उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा था.

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मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लक्ष्मण ने कहा कि वैभव की प्रतिभा पहली बार 2024 अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले आयोजित विजयवाड़ा क्वाड्रैंगुलर सीरीज के दौरान सामने आई थी. उन्होंने कहा, 'करीब ढाई साल पहले हमने पहली बार वैभव को करीब से देखा. वह विजयवाड़ा में हुई क्वाड्रैंगुलर सीरीज में इंडिया-बी की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल था. तभी हमें महसूस हो गया था कि यह खिलाड़ी भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए खास साबित हो सकता है.'

मानसिक तैयारी पर भी दे रहे जोर
वीवीएस लक्ष्मण ने बताया कि इसके बाद वैभव लगातार बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के कैम्पों का हिस्सा रहे. अंडर-19 स्तर पर भी उन्होंने लगातार रन बनाए और हर स्तर पर खुद को साबित किया. लक्ष्मण ने कहा कि भारतीय टीम का सपोर्ट स्टाफ सिर्फ वैभव के खेल पर ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और मानसिक तैयारी पर भी बराबर काम करता रहा है.

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उन्होंने कहा, 'हम सिर्फ खिलाड़ी को नहीं जानते, बल्कि इंसान के तौर पर भी वैभव को अच्छी तरह समझते हैं. हमें पता है कि किस परिस्थिति में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है. हमारी कोशिश हमेशा यही रहती है कि मैच से पहले वह मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार रहे.'

पूर्व भारतीय बल्लेबाज के मुताबिक पिछले छह महीनों में वैभव की सोच और मैच को समझने की क्षमता में जबरदस्त सुधार हुआ है. वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, 'पिछले छह महीनों में उसकी परिपक्वता, खेल को पढ़ने की क्षमता और मैच अवेयरनेस में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. यही वजह है कि वह दबाव वाले मुकाबलों में भी बेखौफ खेल रहा है और बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ खुद को साबित कर रहा है.'
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वैभव की फिटनेस को लेकर चिंतित लक्ष्मण
वैभव की जमकर तारीफ करने के बाद लक्ष्मण ने उनकी सबसे बड़ी चुनौती का भी जिक्र किया. उन्होंने साफ कहा कि युवा बल्लेबाज को अपनी ओवरऑल फिटनेस पर अभी काफी मेहनत करनी होगी. उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि वैभव अपनी समग्र फिटनेस में और सुधार करे. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह अभी सिर्फ 15 साल का है. उसके पास सीखने और आगे बढ़ने के लिए काफी समय है. अच्छी बात यह है कि वह खुद भी अपने खेल के हर पहलू में बेहतर बनने के लिए बेहद उत्साहित रहता है.'
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वीवीएस लक्ष्मण ने तीसरे टी20I का एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि मैच के दौरान चोट लगने के बावजूद वैभव मैदान से बाहर नहीं आना चाहते थे. उन्होंने कहा, 'आज भी चोट लगने के बाद वह मैदान पर बने रहना चाहता था. लेकिन हमारी फिजियो टीम ने उसे बाहर आने के लिए कहा. यही दिखाता है कि टीम के लिए खेलने का उसका जुनून कितना बड़ा है.'

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