दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने 13 साल बाद खिताब अपने नाम कर लिया. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली विशाल बढ़त के दम पर ईस्ट जोन चैम्पियन बन गया. इसी मुकाबले के दौरान ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी और साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा के बीच मैदान पर हुई नोकझोंक भी सुर्खियों में रही.
यह पूरा मामला मैच के चौथे दिन की सुबह का है. साउथ जोन की टीम पहली पारी में 708 रन के जवाब में संघर्ष कर रही थी और उसके आठ विकेट गिर चुके थे. टीम अभी भी ईस्ट जोन के विशाल स्कोर से काफी पीछे थी. ऐसे में तिलक वर्मा अपनी टीम की पारी को ज्यादा से ज्यादा खींचने की कोशिश कर रहे थे.
इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाज तिलक के पास पहुंचे. दोनों के बीच कुछ शब्दों का आदान-प्रदान हुआ. इस दौरान वैभव ने तिलक से हल्के अंदाज में कंधा भी टकराया. मामला यहीं नहीं रुका और तिलक ने मैदान पर मौजूद अंपायर से इसकी शिकायत कर दी.
मैच खत्म होने के बाद सामने आए ऑडियो में वैभव को अंपायर से यह कहते सुना गया कि पहली पारी में उनके साथ भी ऐसा ही हुआ था. वैभव ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि इसमें उनकी गलती नहीं है. वैभव ने कहा- सर, फर्स्ट इनिंग में मेरे साथ भी ऐसे ही हुआ था.
'पहली पारी में मेरे साथ भी ऐसा हुआ था'
वैभव जिस घटना का जिक्र कर रहे थे, वह फाइनल के पहले दिन की है. उस समय तिलक वर्मा ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ स्लेजिंग की थी. ईस्ट जोन के ओपनर्स ने मुकाबले के पहले दिन ही साउथ जोन के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया था. वैभव भी बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने एक ओवर में मोहम्मद सिराज के खिलाफ दो चौके और एक छक्का जड़ दिया. इसी दौरान स्टंप माइक पर तिलक वर्मा की आवाज रिकॉर्ड हुई थी. उन्होंने वैभव को लेकर कहा था, 'क्या यार ये वाइस कैप्टन?'
वैभव ने उस पारी में तेज शुरुआत की, लेकिन 49 रन बनाकर चामा वी मिलिंद की गेंद पर आउट हो गए. उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़े.
इसके बाद ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. कप्तान ईशान किशन ने दोहरा शतक जड़कर इस पारी को मजबूती दी. वहीं साउथ जोन के बल्लेबाज मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके.
तिलक ने 99 रन बनाकर अकेले संभाला मोर्चा
साउथ जोन की ओर से तिलक वर्मा उन चुनिंदा बल्लेबाजों में रहे, जिन्होंने ईस्ट जोन के गेंदबाजों के सामने संघर्ष किया. उन्होंने 211 गेंदों पर 99 रन बनाए और अपनी टीम की पारी को संभालने की पूरी कोशिश की. हालांकि साउथ जोन की पूरी टीम 107.3 ओवर में 336 रन पर ऑलआउट हो गई. इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बड़ी बढ़त हासिल हो गई.
फाइनल के आखिरी दिन ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी जारी रखी. टीम ने 99.2 ओवर में 388/7 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. मोहम्मद कौनैन कुरैशी ने नाबाद 116 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 80 रन की पारी खेली. साउथ जोन की ओर से एमडी निधीश ने 2/28 विकेट लिए. मैच का नतीजा ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी की 372 रन की बढ़त ने ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का खिताब दिला दिया. इस तरह ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम ने 13 साल बाद ट्रॉफी पर कब्जा किया.
इस खिताबी जीत के साथ वैभव सूर्यवंशी-तिलक वर्मा की मैदान वाली 'नोकझोंक'भी मुकाबले की यादगार तस्वीरों में शामिल हो गई.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क