श्रीलंका में फेल हुए तो मचेगा भूचाल! अजीत अगरकर की कुर्सी दांव पर, गौतम गंभीर पर भी बढ़ेगा दबाव

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज भारतीय क्रिकेट के कुछ बड़े चेहरों के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है. अगर भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, तो बदलाव होने तय हैं. टेस्ट सीरीज में खराब नतीजे आने पर बीसीसीआई हेड कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है.

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श्रीलंका दौरा भारतीय क्रिकेट का भविष्य तय करेगा. (Photo: PTI) श्रीलंका दौरा भारतीय क्रिकेट का भविष्य तय करेगा. (Photo: PTI)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:00 AM IST

15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज टीम इंडिया के लिए बेहद अहम है. यह सीरीज सिर्फ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) में भारतीय टीम की किस्मत ही तय नहीं करेगी, बल्कि हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का भविष्य भी इसी प्रदर्शन पर निर्भर माना जा रहा है. लगातार खराब प्रदर्शन और खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही टीम इंडिया के सामने अब सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती नहीं है. यह दौरा तय कर सकता है कि भारतीय क्रिकेट की कमान आगे किन हाथों में रहेगी.

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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का भविष्य सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है. हालांकि उनका कार्यकाल एक साल बढ़ाया गया है, लेकिन बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) के भीतर उनके भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है. सितंबर में होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है.

बताया जा रहा है कि अगर श्रीलंका दौरे पर टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा तो अजीत अगरकर की विदाई की संभावना बढ़ सकती है. उधर मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भी सवाल उठ रहे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें बोर्ड का समर्थन हासिल है. बीसीसीआई के भीतर यह राय है कि गंभीर को कम से कम वनडे विश्व कप 2027 तक काम करने का मौका दिया जाना चाहिए. हालांकि लगातार खराब नतीजे इस समर्थन को कमजोर भी कर सकते हैं.

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रोहित शर्मा को लेकर भी सस्पेंस
रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का वनडे करियर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के भीतर उन्हें 2027 के विश्व कप तक बनाए रखने को लेकर पूरी सहमति नहीं है. फिलहाल बीसीसीआई ने सीरीज-दर-सीरीज प्रदर्शन के आधार पर उनका भविष्य तय करने की रणनीति अपनाई है. हाल ही में लॉर्ड्स वनडे में लगाया गया उनका शतक उनके पक्ष में गया है, लेकिन आने वाले महीनों में हर सीरीज उनके लिए परीक्षा जैसी होगी.
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भारतीय क्रिकेट में एक और बड़ी चर्चा वीवीएस लक्ष्मण को लेकर है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें भविष्य में मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की संभावना पर भी विचार हो रहा है. हालांकि यह फैसला आसान नहीं होगा क्योंकि लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख हैं और उनकी सैलरी मुख्य चयनकर्ता से लगभग चार गुना अधिक है. ऐसे में अगर उन्हें नई जिम्मेदारी देनी होती है, तो बीसीसीआई को वेतन ढांचे में भी बदलाव करना पड़ेगा.
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हाल के महीनों में खिलाड़ियों की लगातार चोटों ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा उदाहरण जसप्रीत बुमराह का है. चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को भरोसा दिलाया गया था कि बुमराह श्रीलंका सीरीज तक फिट हो जाएंगे, लेकिन आखिरी समय पर उन्हें पूरी सीरीज से बाहर होना पड़ा. इसी वजह से सीईओ और मेडिकल टीम की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जा रही है.

इन सबके बीच भारतीय टीम के लिए एक अच्छी खबर भी है. साई सुदर्शन पैर की चोट से तेजी से उबर रहे हैं और उनके श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने की पूरी उम्मीद है. उन्हें फिटनेस क्लीयरेंस से पहले तीन चरणों में बल्लेबाजी अभ्यास करना होगा. अगर किसी कारण वह फिट नहीं हो पाए तो देवदत्त पडिक्कल बैकअप विकल्प के तौर पर मौजूद हैं.

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