Rahul Dravid Team India: टी20 सीरीज गंवाने के बाद राहुल द्रविड़ पर उठ रहे सवाल, कोचिंग कार्यकाल में हार की लंबी कतार

राहुल द्रविड़ जब भारतीय टीम के कोच चुने गए थे तो फैन्स को उनसे काफी उम्मीदें थीं. द्रविड़़ का जूनियर लेवल पर कोचिंग का रिकॉर्ड शानदार रहा है, लेकिन सीनियर लेवल पर वह उतने कामयाब नहीं हो पा रहे. अब वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में हार का सामना करने के बाद उनकी कोचिंग पर सवाल उठने लाजिमी हैं.

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Rahul Dravid (@Getty Images) Rahul Dravid (@Getty Images)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 6:00 AM IST

भारत का वेस्टइंडीज दौरा समाप्त हो चुका है. इस दौरे में भारत का प्रदर्शन बहुत ही साधारण रहा और सवालों के जवाब मिलने की बजाय और उलझ चुके हैं. पहले टेस्ट सीरीज के दौरान शुरुआती मुकाबला ड्रॉ पर छूटना, उसके बाद वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में एकतरफा हार का सामना करना और अब टी20 सीरीज. जो वेस्टइंडीज पिछले साल टी20 और इस साल वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थी, उसके हाथों भारतीय टीम को 5 मैचों की टी20 सीरीज में 2-3 से हार का सामना करना पड़ा. 2017 के बाद वेस्टइंडीज ने पहली बार किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में भारत को हराया है.

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टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम और हार्दिक पंड्या पर सवाल खड़े हो रहे हैं. लेकिन एक नाम जो इन सब के पीछे छिप रहा है वो है हेड कोच राहुल द्रविड़ का. राहुल द्रविड़ ने जब से भारतीय टीम की बागडोर संभाली है तब से उन्होंने कुछ पाने से ज्यादा खोया है. हम राहुल द्रविड़ के कोचिंग कार्यकाल के बारे में बात करने वाले हैं और जानेंगे कि पिछले दो साल में उनसे कहां-कहां चूक हुई है...

राहुल द्रविड़ ने साल 2021 में संभाला था पद

टी20 वर्ल्ड कप 2021 की समाप्ति के साथ ही रवि शास्त्री का कोचिंग कार्यकाल खत्म हो गया था. इसके बाद राहुल द्रविड़ को भारतीय पुरुष टीम के हेड कोच के रूप में चुना गया. राहुल द्रविड़ से उम्मीदें थीं कि जो गलती पिछले कार्यकाल में हुई वो अब न हो और भारतीय टीम आईसीसी टूर्नामेंट्स जीत पाए. आईसीसी ट्रॉफी की तो छोड़िए, इनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने द्विपक्षीय सीरीज में भी हारना शुरू कर दिया है. राहुल द्रविड़ की बतौर हेड कोच पहली सीरीज भारतीय जमीन पर न्यूजीलैंड के खिलाफ थी. टी20 सीरीज में तो भारत ने कीवियों को 3-0 से हरा दिया, लेकिन टेस्ट सीरीज में पहला टेस्ट ड्रॉ खेलना किसी हार से कम नहीं था. इस टेस्ट सीरीज में भारत ने न्यूजीलैंड को 1-0 से शिकस्त दी थी. 

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साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली करारी शिकस्त

इसके बाद 2021 के आखिर में राहुल द्रविड़ का पहला विदेशी दौरा शुरू होता है. साउथ अफ्रीकी धरती पर पहला टेस्ट जीतने के बाद राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारतीय टीम आखिरी दो टेस्ट गंवा देती है. इसके बाद वनडे सीरीज में भी अफ्रीकी टीम ने भारत का 3-0 से सफाया कर दिया. हेड कोच का पद संभालने के बाद राहुल द्रविड़ की ये पहली बड़ी नाकामी थी. इसके बाद टीम इंडिया वेस्टइंडीज और श्रीलंका जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमों के खिलाफ अपने घर में दमदार खेल दिखाती है. इस दौरान भारत ने वेस्टइंडीज को वनडे और टी-20 सीरीज में 3-0 से मात दी, उसके बाद श्रीलंका को टी20  में 3-0 और टेस्ट सीरीज में 2-0 से पटखनी दी.

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विराट कोहली और रवि शास्त्री की मेहनत पर पानी फेरा

फिर 2022 के इंग्लिश समर में भारत ने 2021 की टेस्ट सीरीज का बचा हुआ पांचवां टेस्ट खेला. राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के 'बैजबाल' के आगे घुटने टेक दिए और लगभग जीती हुई सीरीज को 2-2 से बराबर करवा दिया. इस पांचवें मैच में इंग्लैंड को जीत के लिए 378 रन चाहिए थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन के चलते मेजबान टीम ने 7 विकेट रहते ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया. टेस्ट मैच के बाद इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज खेली गई, जिसमें भारतीय टीम ने मेजबानों को 2-1 के समान अंतर से मात दी और अक्टूबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड 2022 के लिए उम्मीदें जगा दीं.

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एशिया कप और वर्ल्ड कप में भारत का फ्लॉप शो 

टी20 वर्ल्ड कप 2022 से पहले 20 ओवर्स के फॉर्मट में ही एशिया कप खेला गया था. एशिया कप के दौरान सुपर-4 स्टेज में भारत को श्रीलंका और पाकिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उसे फाइनल खेलने से पहले ही स्वदेश लौटना पड़ा. अब राहुल द्रविड़ के सामने टी20 वर्ल्ड कप 2022 था. इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम जैसे-तैसे करके सेमीफाइनल में तो पहुंच गई, लेकिन वहां पर इंग्लैंड के सामने 10 विकेटों से हार का सामना करना पड़ा. इस टूर्नामेंट के बाद कोच और कप्तान पर सवाल उठने लाजिमी थे क्योंकि भारतीय टीम बार-बार पुरानी गलती कर रही थी. इस टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टी20 टीम में कई बदलाव देखने को मिले. जैसे रोहित शर्मा, विराट कोहली को रेस्ट देना, युवा खिलाड़ियों को मौका देना और हार्दिक पंड्या को टीम की कमान देना. हालांकि इन फैसलों से टीम के प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं दिख रहा है.

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टी20 वर्ल्ड कप 2022 के बाद द्रविड़ की बड़ी परीक्षा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में होनी थी. द्रविड़ इस परीक्षा में सफल रहे क्योंकि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम ने कंगारुओं को 2-1 से मात देकर वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया. टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भारत से वनडे सीरीज में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उस सीरीज में स्टीव स्मिथ की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को 2-1 से शिकस्त दी.

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आईपीएल 2023 के खत्म होने के बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया से वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल खेला, जिसमें एक बार फिर भारतीय फैन्स को निराशा हाथ लगी. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 209 रनों से हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया. कुल मिलाकर देखें तो राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में टीम इंडिया को जीत से ज्यादा हार का मुंह देखना पड़ा. इस वजह से उन पर सवाल उठना लाजमी है क्योंकि इसी साल अक्टूबर-नवंबर के महीने में भारतीय जमीन पर वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है जिसमें भारतीय फैन्स को टीम से काफी उम्मीदें हैं.


 

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