अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की भारतीय टीम में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना को उम्मीद है कि शमी भी जल्द टीम इंडिया में वापसी कर सकते हैं. रैना ने इसके लिए भुवनेश्वर कुमार का उदाहरण दिया, जिन्होंने 36 साल की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाकर दिखाया है कि अनुशासन, फिटनेस और लगातार मेहनत के दम पर इंटरनेशनल क्रिकेट के दरवाजे दोबारा खुल सकते हैं.
सुरेश रैना ने इंडियन सॉफ्ट बॉल क्रिकेट लीग की जर्सी लॉन्च के मौके पर भुवनेश्वर कुमार की तारीफ की. उन्होंने कहा कि 36 साल की उम्र में भारतीय टीम में वापसी करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. भुवनेश्वर ने अपनी फिटनेस पर काम किया और खेल के प्रति अनुशासन बनाए रखा, जिसका उन्हें फायदा मिला. रैना ने शमी को लेकर भी भरोसा जताया. उन्होंने कहा, 'बिल्कुल, मुझे लगता है कि शमी ने अच्छा प्रदर्शन किया है और घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा खेले हैं. अब भुवी की बारी है और शमी भी पीछे-पीछे आ रहे हैं, टेंशन मत लीजिए.'
मोहम्मद शमी ने भारत के लिए आखिरी मुकाबला चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था. टेस्ट क्रिकेट में उनकी पिछली उपस्थिति विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2021-23 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रही थी. इसके बाद से वह घरेलू क्रिकेट में खेलते हुए अपनी लय और दावेदारी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. शमी रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन के शुरुआती मुकाबले में बंगाल की ओर से खेल रहे हैं. घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम में वापसी की संभावनाओं के लिहाज से अहम रहेगा. हालांकि, सुरेश रैना के भरोसे के बावजूद टीम में चयन की पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम फैसला चयनकर्ताओं को ही लेना है.
मोहम्मद शमी के हालिया आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) आंकड़े भी चर्चा का विषय रहे हैं. उन्होंने 2025 और 2026 के आईपीएल सीजन में कुल 22 मैचों में 18 विकेट लिए और इस दौरान उनकी इकोनॉमी रेट 10 रन प्रति ओवर रही. ऐसे में उन्हें भारतीय टीम में वापसी के लिए घरेलू प्रदर्शन के साथ गेंदबाजी में निरंतरता भी दिखानी होगी.
भुवी ने IPL में किया शानदार प्रदर्शन
भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने अनुभवी तेज गेंदबाजों के लिए उम्मीद जरूर जगाई है. आईपीएल 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 28 विकेट लिए और 8.07 की इकॉनमी रेट दर्ज की. वह टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की खिताबी जीत में उनकी अहम भूमिका रही. भुवनेश्वर की खासियत सिर्फ गेंद की गति नहीं, बल्कि स्विंग, लाइन-लेंथ और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी है.
भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि सीमित गति के बावजूद सही लाइन-लेंथ, गेंद को स्विंग कराने की क्षमता और विविधता से बल्लेबाजों को परेशान किया जा सकता है. सुरेश रैना को उम्मीद है कि मोहम्मद शमी भी घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के जरिए इसी तरह चयनकर्ताओं का ध्यान खींच सकते हैं.
मोहम्मद शमी के लिए सबसे अहम चुनौती लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और अपनी फिटनेस साबित करना है. घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए मुकाबले उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर दे रहे हैं. दूसरी ओर, भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने यह जरूर दिखाया है कि अनुभव और अनुशासन के साथ टीम में जगह बनाने की संभावना बनी रह सकती है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क