पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर अपनी रफ्तार के कारण दुनिया भर में चर्चित रहे हैं. क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद वर्ल्ड क्रिकेट में शोएब अख्तर सुर्खियां बटोरते रहते हैं. रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर अख्तर ने खुद के दम पर पाकिस्तान को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई है.
शोएब अख्तर के मुताबिक अगर उन्हें अपने दौर में इमरान खान जैसी कप्तानी मिली होती तो उनका टेस्ट करियर पूरी तरह बदल जाता. अख्तर ने खुलासा किया कि इमरान खान के अंडर खेलने का सपना अधूरा रहने का उन्हें आज भी मलाल है. अगर यह मुमकिन होता तो उनके खाते में 178 की जगह 400 से ज्यादा टेस्ट विकेट होते.
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में झटके हैं 400 से ज्यादा विकेट
एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बात करते हुए शोएब ने कहा कि उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 400 से ज्यादा विकेट लिए हैं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में वे 46 मैचों में 178 विकेट ही ले सके. शोएब के मुताबिक इमरान खान के अंदर खिलाड़ियों से उनका सर्वश्रेष्ठ निकलवाने का हुनर था. जब शोएब ने 1997 में टेस्ट डेब्यू किया तब तक इमरान इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके थे.
भारत दौरे पर रहा था दमदार प्रदर्शन
शोएब का पूरा करियर अलग-अलग कप्तानों के दौर से गुजरा और कई मौकों पर विवाद भी देखने को मिले. करियर की शुरुआत में वसीम अकरम कप्तान थे. तब ऐसी खबरें थे कि वह शुरुआत में शोएब को डेब्यू कराने के पक्ष में नहीं थे. हालांकि, बाद में दोनों ने मिलकर 1999 के भारत दौरे और 1999 वर्ल्ड कप में शानदार गेंदबाजी की. जहां पाकिस्तान फाइनल तक पहुंचा था.
छलका शोएब अख्तर का दर्द
शोएब का करियर 2011 वर्ल्ड कप के दौरान खत्म हुआ. इस दौरान शोएब अख्तर और उस समय के कप्तान शाहिद अफरीदी के साथ मतभेदों की खबरें सामने आई थीं. शोएब ने बताया कि रफ्तार बनाए रखने के लिए उनका हर दिन एक जंग जैसा था. शरीर के घुटनों से पानी निकालने के लिए सुई का इस्तेमाल किया जाता था.
शोएब ने बताया कि टीम के जागने से पहले उठकर साइकिलिंग और जिम करना पड़ता था, ताकि जाम हो चुके घुटने खुल सकें. घुटनों में सिरिंज डालकर पानी निकाला जाता था, दवाइयां भरी जाती थीं और फिर आइसिंग होती थी. मैच में गेंदबाजी करने के बाद शरीर को नॉर्मल करने में हर दिन 5 घंटे का वक्त लगता था. शोएब ने 163 वनडे में 247 और 15 टी20 में 21 विकेट भी चटकाए हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क