वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को अब हर हाल में कमाल का प्रदर्शन करना होगा. पॉइंट्स टेबल में पांचवें नंबर पर खिसकी टीम इंडिया के लिए आगे का सफर आसान नहीं है.
पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ का भी मानना है कि भारतीय टीम इस रेस में थोड़ी पीछे जरूर छूट गई है, लेकिन टीम के पास वापसी करने की काबिलियत पूरी है. भारत के पास WTC फाइनल का टिकट कटाने के लिए श्रीलंका दौरे के बाद 7 टेस्ट मैच बचे हैं. फाइनल में जगह बनाने के लिए शुभमन गिल की कप्तानी वाली इस टीम को कम से कम 6 मैच जीतने होंगे.
श्रीलंका के खिलाफ जीत के बावजूद टीम को आने वाले मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी. भारत को न्यूजीलैंड में 2 टेस्ट मैच खेलने हैं. वहां की परिस्थितियां हमेशा चुनौतीपूर्ण होती हैं और युवा खिलाड़ियों को ढलने में वक्त लगेगा.
खल सकती है दिग्गजों की कमी
रोहित शर्मा, विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे अनुभवी बल्लेबाजों के बिना न्यूजीलैंड में खेलना नई टीम के लिए बड़ा इम्तिहान होगा. जनवरी में ऑस्ट्रेलिया की टीम 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत आएगी. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भारत में सीरीज जीतने के लिए बेताब होंगे, क्योंकि उनकी मौजूदा पीढ़ी ने भारत में कभी टेस्ट सीरीज नहीं जीती है.
राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया से है उम्मीदें
राहुल द्रविड़ का मानना है कि भले ही चुनौती बड़ी है और सीनियर्स का अनुभव साथ नहीं है, लेकिन भारतीय टीम को कभी भी कम आंकने की गलती नहीं की जा सकती. अगर खिलाड़ी फिट रहते हैं और सही रणनीति के साथ उतरते हैं, तो फाइनल का सपना पूरा हो सकता है. द्रविड़ ने उम्मीद जताई कि भारतीय खिलाड़ी न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देंगे.
भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच में गॉल में दमदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की. पहला मैच जीतने के बाद दूसरे टेस्ट में भी भारतीय बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिला. देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल ने शतक जड़कर कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका को बैकफुट पर धकेल दिया. हालांकि, यह सीरीज जीतने के बावजूद भारत के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाना आसान नहीं होगा.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क