बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है. 75 साल की उम्र में उन्होंने गुरुवार (8 अक्टूबर) को दुनिया को अलविदा कह दिया. नाना पाटेकर को गोवा स्थित उनके घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था. मेडिकल टीम को बुलाया गया, लेकिन वह तब तक अनरिस्पॉन्सिव हो चुके थे. उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की. सुबह 5:20 बजे मेडिकल टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मामला मेडिको-लीगल केस (MLC) के तौर पर दर्ज किया गया है और आज पोस्टमार्टम किया जाना है. नाना के बेटे मल्हार पाटेकर ने भी उनके निधन की पुष्टि की है. मल्हार उस वक्त पुणे में थे और खबर मिलने के बाद गोवा के लिए रवाना हो गए. उन्होंने कहा कि उनके पास फिलहाल पूरी जानकारी नहीं है और वह गोवा पहुंचकर पूरी जानकारी लेंगे.
नाना पाटेकर सिर्फ शानदार अभिनेता ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के भी जबरदस्त शौकीन थे. साल 2015 में में एक इंटरव्यू में उन्होंने क्रिकेट को लेकर अपने बचपन की बातें बताई थीं. उन्होंने कहा था कि वह बचपन में अच्छे क्रिकेटर थे और ऑफ स्पिन गेंदबाजी किया करते थे.
नाना ने तब क्रिकेट के बारे में बात करते हुए बताया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले के दौरान वो टीवी से चिपके रहते थे. नाना ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा था- बचपन में मैं एक ऑफ स्पिन बॉलर था. क्योंकि उस वक्त मैं गरीब था और पॉकेट में क्रिकेट सीखने के पैसे नहीं होते थे. ऐसे में मैं शिवाजी पार्क चला जाता था और जो लोग वहां नेट प्रैक्टिस करते थे उनके लिए बॉलिंग करता था.'
नाना ने तब उस इंटरव्यू में यह भी कहा था कि विश्वास जताया कि आज भी सिर्फ 10 दिन प्रैक्टिस करने के बाद अच्छी बॉलिंग कर सकते हैं. नाना ने क्रिकेट के प्रति अपनी दीवानगी के बारे में बताते हुए कहा कि आज भी उनके अंदर एक क्रिकेटर बसता है.
क्रिकेट को लेकर नाना की दीवानगी उम्र बढ़ने के साथ कम नहीं हुई. खास तौर पर विराट कोहली उनके फेवरेट क्रिकेटर थे. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर विराट जल्दी आउट हो जाते हैं तो उनका खाने का मन ही नहीं करता. नाना के इस बयान ने जनवरी 2025 में खूब सुर्खियां बटोरी थीं, जब विराट के जल्दी आउट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मजेदार मीम्स शेयर किए थे.
नाना ने क्रिकेट और सिनेमा की तुलना करते हुए यह भी कहा था कि दोनों में परीक्षा जैसी स्थिति होती है. क्रिकेटर का खेल पांच दिन तक चलता है, जबकि कलाकारों का काम डेढ़ से दो साल तक चल सकता है और आखिर में जनता ही फैसला करती है.
नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है. उनकी पहचान सिर्फ दमदार अभिनय और संवाद अदायगी के लिए नहीं, बल्कि क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के लिए भी रही.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क