दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है. 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले नाना पाटेकर को गुरुवार देर रात पुणे जिले के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर अंतिम विदाई दी गई. उनके अंतिम संस्कार में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों लोग पहुंचे. पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया और इस दौरान 'नाना अमर रहें' के नारे गूंजते रहे. अभिनेता के बेटे मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी.
नाना पाटेकर के निधन पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली भी भावुक हो गए. उन्होंने अभिनेता के साथ अपने पुराने रिश्तों और यादों को साझा करते हुए उन्हें सिर्फ एक शानदार कलाकार ही नहीं, बल्कि बेहद नेकदिल इंसान बताया. बासित के मुताबिक, नाना की लोकप्रियता भारत तक सीमित नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान में भी उनके चाहने वालों की बड़ी संख्या थी.
बासित अली ने नाना पाटेकर के निधन की खबर पर दुख जताते हुए कहा कि सुबह-सुबह यह खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा. उन्होंने अभिनेता को अपना प्यारा दोस्त और लिविंग लीजेंड बताया. बासित ने कहा कि नाना की शख्सियत ऐसी थी कि उन्हें सिर्फ उनकी फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और इंसानियत के लिए भी याद किया जाएगा. पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने बताया कि नाना पाटेकर के साथ उनकी बातचीत साल 1994 में शुरू हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच अच्छा रिश्ता बन गया. नाना उनसे पुराने किस्से साझा करते थे और उनकी मां से भी काफी बातें किया करते थे.
बासित को क्या दी थी नसीहत?
बासित अली ने याद किया कि जब उनकी मां का निधन हुआ था, तब नाना ने उनसे कहा था, 'बासित, अब संभलकर रहना थोड़ा.' अभिनेता की यह बात आज भी उनके जेहन में है. बासित के मुताबिक, नाना उन लोगों में से थे, जो मुश्किल समय में अपने करीबियों को अकेला नहीं छोड़ते थे.
बासित अली ने अपने स्वास्थ्य से जुड़ा एक और भावुक किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि जब दिल की परेशानी के बाद वह घर लौटे थे, तब नाना पाटेकर का मैसेज आया था. अभिनेता ने उनकी तबीयत के बारे में पूछा और कहा था कि ठीक होने पर फोन करें. बासित ने बताया कि बाद में जब उन्होंने नाना को कॉल किया, तो अभिनेता ने उनसे विस्तार से हालचाल जाना. इस घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि नाना असल जिंदगी में भी वैसे ही थे, जैसे लोग उन्हें पर्दे पर देखते थे. उनके लिए इंसानी रिश्ते और दूसरों की परवाह करना बहुत मायने रखता था.
बासित अली ने नाना पाटेकर की उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि वह 75 साल के बिल्कुल नहीं लगते थे. बासित उन्हें अक्सर 'यंग मैन' कहकर बुलाते थे. इस पर नाना मजाकिया अंदाज में कहते थे कि वह भी बूढ़े हैं और बासित भी. अभिनेता के निधन की खबर ने बासित को भीतर तक दुखी कर दिया. उन्होंने कहा कि नाना जैसे इंसान का जाना बड़ी क्षति है. उनके मुताबिक, नाना का व्यक्तित्व फिल्मों से कहीं आगे था और उनसे जुड़ने वाले लोग उन्हें हमेशा याद रखेंगे.
बासित अली ने नाना पाटेकर की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए कहा, 'भारत में नाना के जितने चाहने वाले थे, दुनिया में जितने चाहने वाले थे, उतने ही पाकिस्तान में भी थे.' उनका यह बयान बताता है कि नाना पाटेकर की कला और व्यक्तित्व ने सरहदों से परे लोगों के दिलों में जगह बनाई थी. 'क्रांतिवीर' और 'खामोशी: द म्यूजिकल' जैसी फिल्मों में अपने यादगार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना ने अलग-अलग तरह के किरदारों से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी.
नाना पाटेकर का निधन गुरुवार तड़के गोवा स्थित उनके घर पर हुआ. डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताई गई. उनके सहयोगियों के अनुसार, नाना पहले ही इच्छा जता चुके थे कि उनका अंतिम संस्कार उनके फार्महाउस पर किया जाए. अंतिम विदाई के दौरान 'नाना अमर रहें' के नारों के बीच हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क