आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत के खिलाफ गोल्ड मेडल मुकाबले से पहले पाकिस्तानी टीम के लिए 'कुदरत का निजाम' चर्चा में था. वजह थी बारिश. अगर भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल बारिश के कारण रद्द हो जाता, तो दोनों टीमों के बीच गोल्ड मेडल साझा किया जाता. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
शनिवार (3 अक्टूबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ये मुकाबला पूरा खेला गया और पाकिस्तान को भारतीय टीम के हाथों 19 रनों से हार झेलनी पड़ी. भारतीय टीम ने फाइनल में विशाल स्कोर बनाया, जिसका पीछा पाकिस्तान कर नहीं सका. भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है.
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान क्रिकेट में 'कुदरत का निजाम' सिर्फ एक जुमला नहीं रहा है. पिछले कुछ वर्षों में यह शब्द कई बार पाकिस्तान की किस्मत और बारिश से जुड़े क्रिकेट समीकरणों के संदर्भ में चर्चा में आया है. इस बार भी कहानी कुछ वैसी ही बनने की उम्मीद थी, लेकिन फाइनल में मौसम ने ऐसा कोई रास्ता नहीं दिया.
'कुदरत का निजाम' क्या है?
'कुदरत का निजाम' की कहानी साल 2022 से जुड़ी है. पाकिस्तान के तत्कालीन मुख्य कोच सकलैन मुश्ताक ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में पाकिस्तान की हार के बाद इस जुमले का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा था कि सब कुछ 'कुदरत के निजाम' से चलता है. यानी जो होना है, वही होकर रहता है. इसके बाद आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2022 में यह शब्द पाकिस्तान क्रिकेट से इस कदर जुड़ गया कि सोशल मीडिया पर इसका जमकर इस्तेमाल होने लगा.
उस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदें लगभग खत्म मानी जा रही थीं. टीम को आगे बढ़ने के लिए दूसरे मुकाबले के नतीजे पर निर्भर रहना था. तभी नीदरलैंड्स ने साउथ अफ्रीका को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया. साउथ अफ्रीका की हार पाकिस्तान के लिए बेहद अहम थी. अगर साउथ अफ्रीका जीत जाता तो पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो जाता. लेकिन नीदरलैंड्स की जीत ने पूरा समीकरण बदल दिया और पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका मिल गया.
साउथ अफ्रीका की हार के बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली. इसके बाद सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर टीम फाइनल तक पहुंच गई. यहीं से 'कुदरत का निजाम' पाकिस्तान क्रिकेट के साथ सोशल मीडिया पर एक चर्चित जुमला बन गया. पाकिस्तान के फैन्स ने टूर्नामेंट में टीम के सफर को इसी नजरिए से देखना शुरू कर दिया था. अब एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में एक बार फिर यह जुमला चर्चा में आया.
भारत-पाकिस्तान फाइनल से पहले भी मौसम ने पाकिस्तान की राह आसान की थी. पाकिस्तान का क्वार्टर फाइनल मुकाबला हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ बारिश के कारण नहीं हो सका. मुकाबला रद्द होने के बाद बेहतर T20I रैंकिंग के आधार पर पाकिस्तान को सेमीफाइनल में जगह मिल गई. वहां पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराया और गोल्ड मेडल मुकाबले में पहुंच गया. यानी फाइनल तक पहुंचने के सफर में बारिश ने एक बार फिर अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान की मदद की. इसके बाद सवाल था कि अगर भारत के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच भी बारिश की भेंट चढ़ गया तो क्या होगा?
पाकिस्तान के अरमानों पर फिरा पानी
भारत और पाकिस्तान के फाइनल में पहुंचने के बाद बारिश को लेकर एक अहम समीकरण सामने था. अगर खराब मौसम के कारण मुकाबला नहीं हो पाता और यहां तक कि सुपर ओवर भी संभव नहीं होता, तो दोनों टीमों के बीच गोल्ड मेडल साझा किया जाता. ऐसी स्थिति पाकिस्तान के लिए बिना मैच जीते स्वर्ण पदक हासिल करने का रास्ता खोल सकती थी. लेकिन इस बार 'कुदरत का निजाम' वाली कहानी वहां तक नहीं पहुंची. बारिश ने फाइनल को नहीं रोका और दोनों टीमों को मैदान पर मुकाबला करने का पूरा मौका मिला.
मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए. भारतीय पारी में तिलक वर्मा ने सबसे अहम भूमिका निभाई. उन्होंने महज 21 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और आखिरी ओवरों में पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाया. तिलक ने शिवम दुबे के साथ छठे विकेट के लिए 62 रनों की साझेदारी की. इस साझेदारी के चलते भारत ने पाकिस्तान के सामने 212 रनों का लक्ष्य रखा. जवाब में पाकिस्तानी टीम 9 विकेट पर 192 रन ही बना सकी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क