भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खराब फील्डिंग और लगातार कैच छोड़ने की समस्या अब गंभीर होती जा रही है. इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम के लिए नए फील्डिंग कोच की तलाश शुरू कर दी है. बोर्ड ने इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 16 नवंबर है.
मुनीश बाली भारतीय महिला टीम के फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. टीम के हालिया घरेलू व्हाइट बॉल सीरीज में भी वह इसी भूमिका में थे. जिम्बाब्वे के खिलाफ इस सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों की खराब फील्डिंग एक बार फिर चर्चा में रही. लगातार कैच छूटने के कारण टीम के फील्डिंग स्तर पर सवाल उठे हैं.
5 मैचों में टपकाए थे 10 कैच
भारतीय महिला टीम की कैचिंग की समस्या 2026 महिला टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी सामने आई थी. भारत ने ग्रुप स्टेज के पांच मैचों में कुल 10 कैच छोड़े थे. इनमें से तीन कैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ छूटे थे. इसका फायदा मारिजान कैप ने उठाया और उन्हें कई जीवनदान मिले. भारतीय टीम को आखिरकार ग्रुप स्टेज से ही बाहर होना पड़ा.
टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने के बाद हेड कोच अमोल मजूमदार ने भी माना था कि बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार की जरूरत है. उन्होंने स्वीकार किया था कि टीम सभी विभागों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी.
जिम्बाब्वे सीरीज में भी नहीं सुधरी फील्डिंग
वर्ल्ड कप के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग में खास सुधार नहीं दिखा. जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारत ने चार कैच छोड़े. इसके बाद पहले वनडे में ही टीम ने चार और मौके गंवा दिए.
पहले वनडे में ऋचा घोष ने दो कैच छोड़े. इनमें विकेट के पीछे का एक आसान कैच भी शामिल था. दीप्ति शर्मा और क्रांति गौड़ से भी कैच छूटे. इसके अलावा भारतीय टीम रन आउट के दो मौकों का फायदा उठाने में भी नाकाम रही.
हालांकि भारतीय टीम ने वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया, लेकिन लगातार कैच छोड़ने की समस्या ने फील्डिंग कोच की भूमिका और टीम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
BCCI ने बताईं नए कोच की जिम्मेदारियां
BCCI के मुताबिक, नए फील्डिंग कोच को विश्वस्तरीय फील्डिंग यूनिट तैयार करने के लिए व्यापक कार्यक्रम बनाने और उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी दी जाएगी. उन्हें अभ्यास और मैच के दौरान फील्डिंग सेशन कराने होंगे. इसके अलावा खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जरूरत के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट पर भी काम करना होगा. अलग-अलग मैच परिस्थितियों में खिलाड़ियों के फील्डिंग प्रदर्शन का आकलन करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी.
बोर्ड ने पुरुष टीम के लिए नए हेड फिजियोथेरेपिस्ट (Head Physiotherapist) की भर्ती के लिए भी आवेदन मांगे हैं. कमलेश जैन ने सितंबर में इस पद से इस्तीफा दे दिया था. इस पद के लिए उम्मीदवार के पास फिजियोथेरेपी सेवाएं देने का कम से कम 10 साल का अनुभव होना जरूरी है. साथ ही एलीट खिलाड़ियों या टीमों, विशेषकर हाई परफॉर्मेंस स्क्वॉड के साथ काम करने का अनुभव भी मांगा गया है.
दिसंबर में साउथ अफ्रीका का दौरा
भारतीय महिला टीम का अगला दौरा दिसंबर में साउथ अफ्रीका का होगा. इस ऑल फॉर्मेट दौरे की शुरुआत 9 दिसंबर से गकेबरहा में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से होगी. इसके बाद 16 दिसंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज और 26 दिसंबर से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क