विमेंस एशिया कप 2026 में थाईलैंड ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया है. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले इस मैच में भारतीय टीम में एक नए खिलाड़ी की एंट्री हुई है. दिल्ली की धाकड़ बल्लेबाज प्रतीका रावल को आखिरकार कप्तान हरमनप्रीत कौर के हाथों उनकी पहली टी20 इंटरनेशनल कैप मिल गई है. थाईलैंड के खिलाफ प्रतीका अपना दमखम दिखाना चाहेंगी.
स्टार प्लेयर जेमिमा रोड्रिग्स के चोटिल होने के कारण प्रतीका के लिए टीम के दरवाजे खुले हैं. उन्हें महिला एशिया कप और एशियन गेम्स के लिए भी सीधे टीम इंडिया के स्क्वॉड में शामिल किया गया है.
साइकोलॉजी की पढ़ाई कर चुकीं प्रतीका ने रातों-रात यह मुकाम हासिल नहीं किया है. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपने बल्ले से लगातार रनों का अंबार खड़ा किया है. सबसे पहले साल 2021 की सीनियर विमेंस वनडे ट्रॉफी में असम के खिलाफ 161 रनों की नाबाद और तूफानी पारी खेलकर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था.
वनडे फॉर्मेट में पक्की कर चुकी हैं जगह
वनडे फॉर्मेट में प्रतीका का रिकॉर्ड शानदार रहा है. टीम इंडिया की 50-ओवर साइड में वह अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं और 2025 के वर्ल्ड कप में भारत की खिताबी जीत में उनका अहम रोल रहा है. लेकिन, टी20 में उनका सेलेक्शन होते ही क्रिकेट के जानकारों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या वनडे की यह स्टार प्लेयर टी20 के फटाफट फॉर्मेट में जेमिमा रोड्रिग्स जैसी खिलाड़ी की कमी पूरी कर पाएगी?
टी20 में खुद को ढालने की होगी चुनौती
दरअसल, जेमिमा टीम में नंबर 3 पर खेलती थीं. वह स्पिन गेंदबाजों को बेहतरीन तरीके से खेलने और पावरप्ले के बाद तेजी से रन बनाने में माहिर हैं. दूसरी तरफ प्रतीका मुख्य रूप से ओपनिंग करती आई हैं. ऐसे में जेमिमा की जगह खेलने का मतलब है कि प्रतीका को मिडिल ऑर्डर में खुद को ढालना होगा.
इसके अलावा टी20 में प्रतीका का स्ट्राइक रेट (105.32) भी थोड़ी चिंता का विषय है. टी20 क्रिकेट में पहली ही गेंद से आक्रामक रवैये और तेजी से रन बटोरने की जरूरत होती है. इन तमाम चुनौतियों और सवालों के बावजूद भारतीय टीम मैनेजमेंट ने प्रतीका की काबिलियत और उनके वनडे के अनुभव पर पूरा भरोसा जताया है.
हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप के बाद टीम इंडिया ने कई युवा खिलाड़ियों (जैसे मिन्नू मणि, प्रिया मिश्रा और तितास साधु) को मौके दिए हैं. अब प्रतीका के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करने की है कि वह टी20 की तेज रफ्तार के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं और अपने बल्ले से हर आलोचक का मुंह बंद कर सकती हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क