दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2027 की तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है. टीम ने श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास को अपना फास्ट बॉलिंग कोच नियुक्त किया है. फ्रेंचाइजी ने इससे पहले सौरव गांगुली को हेड कोच और युवराज सिंह को असिस्टेंट कोच एवं बल्लेबाजी से जुड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी. नए कोचिंग सेटअप के साथ दिल्ली कैपिटल्स की नजरें अब अपने प्रदर्शन में सुधार करने और पहली बार आईपीएल खिताब जीतने पर होगी.
चामिंडा वास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभवी गेंदबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने 111 टेस्ट मैचों में 355 विकेट और 322 ओडीआई मुकाबलों में 400 विकेट हासिल किए. जबकि 6 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने 6 विकेट झटके. इस तरह उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 761 विकेट दर्ज हैं. वह 1996 में विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम का भी हिस्सा थे. वास ने आईपीएल के शुरुआती तीन सीजन में डेक्कन चार्जर्स का प्रतिनिधित्व किया. इस दौरान उन्होंने 13 मैचों में 19.72 की औसत से 18 विकेट हासिल किए.
अब चामिंडा वास की 16 साल बाद आईपीएल में वापसी हुई है. उनके अनुभव से दिल्ली के गेंदबाजों को फायदा मिलने की उम्मीद है. वास इससे पहले श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम के साथ काम कर चुके हैं. इसके अलावा वह 2016 के टी20 विश्व कप के दौरान आयरलैंड के गेंदबाजी कोच रहे और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के साथ भी सलाहकार के तौर पर काम किया.
दिल्ली कैपिटल्स ने 6 अक्टूबर को सौरव गांगुली को हेड कोच नियुक्त किया था. गांगुली इससे पहले 2019 में भी फ्रेंचाइजी से जुड़े रहे थे. हालांकि, आईपीएल में मुख्य कोच के तौर पर यह उनकी पहली जिम्मेदारी होगी. वह साउथ अफ्रीका की SA20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स के साथ काम कर चुके हैं. इसके बाद 13 अक्टूबर को युवराज सिंह को टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल किया गया. यह उनकी पहली औपचारिक कोचिंग भूमिका है.
अब चामिंडा वास की नियुक्ति से टीम के कोचिंग सेटअप को और मजबूती मिलेगी. दिल्ली कैपिटल्स अब तक आईपीएल खिताब नहीं जीत सकी है. टीम 2025 में प्लेऑफ तक पहुंचने में नाकाम रही थी, जबकि 2026 के सीजन में छठे स्थान पर रही. लगातार निराशाजनक नतीजों के बाद फ्रेंचाइजी ने कोचिंग स्टाफ में बदलाव का रास्ता चुना है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क