भारतीय क्रिकेट में फिक्सिंग का खतरा! BCCI हुआ अलर्ट, T20 लीग्स के हर मैच पर कड़ी निगरानी

BCCI की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने राज्य स्तरीय टी20 लीग्स में अपनी निगरानी बढ़ा दी है. ACSU के मुताबिक, सट्टेबाजों और संदिग्ध लोगों के खिलाड़ियों, टीम मालिकों और मैनेजर्स से संपर्क करने के मामले बढ़े हैं.

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TNPL में भ्रष्टाचार पर BCCI का शिकंजा (Photo: TNPL) TNPL में भ्रष्टाचार पर BCCI का शिकंजा (Photo: TNPL)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने राज्य स्तर की टी20 लीग्स पर निगरानी और सख्त कर दी है. यह कार्रवाई खासतौर पर तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में भ्रष्टाचार से जुड़े संभावित मामलों के सामने आने के बाद तेज हुई है. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, TNPL की कुछ टीमों को संदिग्ध गतिविधियों के कारण ACSU की निगरानी में रखा गया है. एजेंसी की नजर केवल खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सट्टेबाजों, टीम मालिकों और लीग से जुड़े अन्य लोगों पर भी है.

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सूत्रों ने बताया, 'ACSU (एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट) को ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जहां सट्टेबाज और संदिग्ध लोग खिलाड़ियों, टीम मालिकों और मैनेजर्स से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. यह खेल से जुड़े आचार संहिता और नियमों का उल्लंघन है. पहली बार ACSU राज्य स्तरीय लीग के सभी मैचों को कवर कर रही है. इससे पहले टेस्ट मैचों, IPL और अन्य प्रमुख मुकाबलों पर ही पूरी तरह से निगरानी रखी जाती थी.' 

BCCI की ACSU पहले भी राज्य स्तर की टी20 लीग्स में खिलाड़ियों से संपर्क करने और उन्हें भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल करने की कोशिशों की जांच कर चुकी है. 2019 में TNPL समेत कई घरेलू टी20 लीग्स के खिलाड़ियों से कथित तौर पर मैच फिक्सिंग के लिए संपर्क किए जाने के मामले सामने आए थे.

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हाल ही में एक तमिलनाडु के रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी पर भी 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था. खिलाड़ी पर मैच के दौरान Players and Match Officials Area (PMOA) में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप था. हालांकि, उसके फोन में सट्टेबाजों से संपर्क का कोई सबूत नहीं मिला और उस पर मैच फिक्सिंग का आरोप नहीं लगाया गया. 

BCCI की इस सख्ती का मकसद घरेलू टी20 लीग्स को भ्रष्टाचार और सट्टेबाजी के प्रभाव से बचाना और खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित क्रिकेटिंग माहौल सुनिश्चित करना है.

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