संजीव गोयनका की टीम द हंड्रेड में बनी चैम्पियन, रोमांचक मुकाबले में ट्रेंट रॉकेट्स को हराया, टिम सीफर्ट का तूफानी प्रदर्शन

सुपर जायंट्स फैमिली का आखिरकार खिताब जीतने का सपना पूरा हो गया. मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने वो कर दिखाया, जो आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स नहीं कर पाई थी. दो बार फाइनल में मिली नाकामी के बाद आखिरकार तीसरे प्रयास में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स द हंड्रेड का चैम्पियन बन गया.

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द हंड्रेड में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की खिताबी जीत. (Photo: ECB/Getty Images) द हंड्रेड में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की खिताबी जीत. (Photo: ECB/Getty Images)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • लंदन,
  • 17 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:26 AM IST

मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार मेन्स द हंड्रेड खिताब जीता. 16 अगस्त (रविवार) को लॉर्ड्स में खेले गए रोमांचक फाइनल में उसने ट्रेंट रॉकेट्स को पांच विकेट से पराजित किया. दो बार फाइनल में हार का दर्द झेल चुकी मैनचेस्टर की टीम के लिए तीसरा मौका यादगार साबित हुआ. न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े हीरो रहे, जिन्होंने 38 गेंदों पर 72 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मुश्किल लक्ष्य को आसान बना दिया.

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मैनचेस्टर इससे पहले 2022 और 2023 में लगातार फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन दोनों बार ट्रॉफी हाथ नहीं लगी. 2022 में ट्रेंट रॉकेट्स ने ही उसे खिताबी मुकाबले में हराया था, जबकि अगले साल ओवल इनविंसिबल्स ने उसकी उम्मीदें तोड़ी थीं. इस बार मैनचेस्टर ने पुराने हिसाब को चुकता करते हुए ट्रेंट को खिताब से दूर कर दिया. सुपर जायंट्स फैमिली ने पहली बार कोई टी20 खिताब जीता है, ऐसे में ये टीम ऑनर संजीव गोयनका के लिए भावुक पल रहा.

पहले बल्लेबाजी करने उतरी ट्रेंट रॉकेट्स को फिन एलन और बेन डकेट ने 48 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई. मैनचेस्टर के तेज गेंदबाज शुरुआती साझेदारी नहीं तोड़ पाए तो कप्तान जोस बटलर ने अफगानिस्तान के स्पिनर नूर अहमद को मोर्चे पर लगाया. नूर ने सिर्फ चार गेंदों के अंदर दोनों ओपनर्स को आउट करके मैनचेस्टर की वापसी करा दी. इसके बाद एन्यूरि डोनाल्ड ने जवाबी हमला किया और 19 गेंदों पर 38 रन ठोक दिए. हालांकि दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे और ट्रेंट का स्कोर एक समय 97/5 हो गया.

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पारी के आखिरी हिस्से में लुईस ग्रेगरी (32 रन) और मिचेल सेंटनर (नाबाद 20 रन) ने तेजी से रन जुटाए. ट्रेंट रॉकेट्स ने अंतिम 30 गेंदों पर 61 रन जोड़े, जिसके चलते इस टीम ने 8 विकेट पर 158 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया. लॉर्ड्स में इस सीजन का औसत स्कोर 141 रहा था, लिहाजा मैनचेस्टर के सामने आसान चुनौती नहीं थी.

सीफर्ट ने की आमिर की जमकर धुनाई
159 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टिम सीफर्ट ने शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए. उन्होंने मोहम्मद आमिर की शुरुआती पांच गेंदों पर 14 रन ठोककर ट्रेंट के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया. इसके बाद सीफर्ट ने पॉल वॉल्टर के साथ महज 31 गेंदों पर 61 रन जोड़ दिए. उन्होंने केवल 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. सीफर्ट की पारी में सात छक्के और चार चौके शामिल रहे. कप्तान बटलर ने भी 14 गेंदों पर 23 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के शामिल रहे. ल्यूस डू प्लोय ने 18 गेंदों पर नाबाद 27 रन की उपयोगी पारी खेलकर रनचेज को आसान बनाया.

टिम सीफर्ट जब पवेलियन लौटे तब मैनचेस्टर को 22 गेंदों पर केवल 23 रन चाहिए थे. यहां से मुकाबला आसानी से खत्म होता दिखाई दे रहा था, लेकिन ट्रेंट ने लगातार विकेट निकालकर फाइनल में रोमांच वापस ला दिया. एन्यूरिन डोनाल्ड ने शानदार कैच लेकर हेनरिक क्लासेन को पवेलियन भेजा, जबकि माइकल ब्रेसवेल बिना खाता खोले आउट हो गए. मुकाबला आखिरकार अंतिम पांच गेंदों तक पहुंच गया. दबाव के इस मौके पर लियाम डॉसन ने कोई गलती नहीं की. उन्होंने बेन सैंडरसन की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से छक्का जड़कर दो गेंद बाकी रहते मैनचेस्टर की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी.

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फाइनल के हीरो सीफर्ट के लिए पूरा टूर्नामेंट शानदार रहा. उन्होंने सीजन में 394 रन बनाए और सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे. दमदार प्रदर्शन के लिए उन्हें टूर्नामेंट का मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर चुना गया.

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