टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी अनाया बांगड़ ने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के 7 महीने बाद अपने अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं. उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद उनकी जिंदगी में कई बदलाव आए हैं. ये बदलाव सिर्फ शरीर में नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं, नींद, थकान और खुद को समझने के तरीके में भी महसूस हुए हैं.
अनाया ने अपनी पोस्ट में बताया कि सर्जरी के बाद का सफर उनकी उम्मीद से ज्यादा मुश्किल और अलग रहा है. उन्होंने अपनी रिकवरी के दौरान महसूस किए गए कई बदलावों के बारे में विस्तार से बताया.
1. हार्मोनल बदलाव का अनुभव
अनाया ने बताया कि सर्जरी के बाद उनके शरीर में हार्मोन से जुड़े बदलावों को समझना एक नया अनुभव रहा. उन्होंने अपने पोस्ट में टेस्टोस्टेरोन में बदलाव और शरीर के नए तरीके से काम करने के साथ तालमेल बिठाने की बात लिखी है. उनके लिए यह बदलाव एक नई शुरुआत जैसा था.
2. नींद और थकान की समस्या
अनाया के मुताबिक, सर्जरी के कई महीने बाद भी उन्हें कभी-कभी बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है. उन्होंने बताया कि आराम और गहरी नींद उनके रिकवरी के सफर का अहम हिस्सा रहे हैं. उनके अनुभव में शरीर को ठीक होने के लिए पहले से ज्यादा आराम की जरूरत महसूस हुई है.
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3. दोबारा किशोरावस्था जैसा एहसास
अनाया ने अपने अनुभव को दोबारा किशोरावस्था से गुजरने जैसा बताया है. उन्होंने कहा कि कई बार उनके इमोशन्स पहले से ज्यादा तेज महसूस होते हैं और रोजमर्रा की कुछ चीजें भी उन्हें नए तरीके से महसूस होती हैं. इस दौरान वह खुद को नए सिरे से समझने की कोशिश भी कर रही हैं.
4. खुद को समझने का नया सफर
अनाया ने बताया कि एक तरफ वह अपनी जिंदगी में आत्मनिर्भर हैं और अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं, वहीं दूसरी तरफ वह अपने अंदर चल रहे बदलावों को समझ रही हैं. उनके लिए अपनी फीलिंग्स को पहचानना और खुद के साथ समय बिताना इस सफर का अहम हिस्सा है.
5. शरीर में बदलाव
अनाया ने बताया कि सर्जरी के बाद उन्हें अपने शरीर को महसूस करने का तरीका कुछ अलग लगा. उन्होंने इसे अपने शरीर और दिमाग के बीच तालमेल बिठाने की प्रक्रिया के रूप में समझाया. उन्होंने नसों में झनझनाहट जैसे अनुभव और कभी-कभी शारीरिक असहजता का भी जिक्र किया है.
6. पुरानी भावनाओं को समझना
अनाया के मुताबिक, लंबे समय तक जेंडर डिस्फोरिया का सामना करने के बाद सर्जरी ने उन्हें अपनी भावनाओं को नए तरीके से समझने का मौका दिया है. उन्होंने बताया कि अब वह अपनी पुरानी परेशानियों और थकान को समझने की कोशिश कर रही हैं.
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7. तनाव का शरीर पर असर
अनाया ने अपने पोस्ट में बताया कि तनाव या चिंता होने पर उनकी पेल्विक मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है. उन्होंने कहा कि इससे रिकवरी से जुड़े कुछ काम, जैसे डाइलेशन करना मुश्किल हो सकता है. डाइलेशन कुछ प्रकार की जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार की जाने वाली प्रक्रिया है.
8. खुद को समय देना जरूरी
अपनी पोस्ट के आखिरी हिस्से में अनाया ने कहा कि वह अब खुद पर ज्यादा दबाव डालने के बजाय अपने शरीर की जरूरतों को समझना सीख रही हैं. उनका मानना है कि रिकवरी के दौरान धैर्य रखना और खुद को ज्यादा समय देना जरूरी है.
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उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका अनुभव व्यक्तिगत है. हर व्यक्ति की सर्जरी, हार्मोन थेरेपी और रिकवरी अलग हो सकती है. इसलिए सभी ट्रांसजेंडर लोगों को इसी तरह के अनुभव होंगे, ऐसा नहीं कहा जा सकता.
कौन हैं अनाया बांगड़?
अनाया बांगड़ टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी हैं. अनाया ने इसी साल 14 मार्च को बैंकॉक में अपनी जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी करवाई थी. अनाया अकसर अपनी ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी की हर छोटी-बड़ी अपडेट इंस्टाग्राम पर लगातार फैन्स को अपडेट देती रहती हैं. सोशल मीडिया पर भी अनाया को हमेशा फैन्स का भरपूर प्यार और सपोर्ट मिलता रहता है. अनाया अब ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की तैयारी में भी हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क