तेलंगाना की रहने वाली चिकिथा तनिपर्थी ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं. कंपाउंड आर्चरी में चिकिथा ने महिला टीम इवेंट और मिक्स्ड टीम इवेंट, दोनों में भारत को गोल्ड दिलाया है.
चिकिथा का तीरंदाजी तक पहुंचने का सफर भी काफी खास है. वह एक किसान परिवार से आती हैं. जब चिकिथा कक्षा 2 में थीं, तब उनके पिता ने अखबार में तीरंदाजी के बारे में पढ़ा. इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को इस खेल को आजमाने के लिए प्रेरित किया.
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साल 2018 में चिकिथा ने तीरंदाजी की शुरुआत की. शुरुआत में यह सिर्फ एक खेल था, लेकिन धीरे-धीरे तीरंदाजी उनका जुनून बन गई. परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया.
इसके बाद 2021 में चिकिथा ने तीरंदाजी को प्रोफेशनल तौर पर अपनाया. लगातार मेहनत के बाद उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर पहचान मिली. साल 2025 उनके करियर का बड़ा साल रहा.
कनाडा के विनिपेग में हुए वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैम्पियनशिप में चिकिथा ने अंडर-21 महिला व्यक्तिगत वर्ग में गोल्ड मेडल जीता. वह इस प्रतियोगिता के इतिहास में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं.
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उन्होंने 2025 में आर्चरी वर्ल्ड कप सर्किट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया और अपनी पहचान बनाई. अब एशियन गेम्स 2026 में दो गोल्ड जीतकर चिकिथा ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की है. कक्षा 2 में पिता की दिखाई राह से शुरू हुआ सफर अब एशियन गेम्स के दो गोल्ड तक पहुंच चुका है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क