भारतीय वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने एशियन गेम्स में एक बार फिर अपना दम दिखाते हुए मंगलवार को महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली. मकाऊ की चू मैन सिन को क्वार्टर फाइनल में हराते ही रोशिबिना ने भारत के लिए एक पदक पक्का कर दिया. यह एशियन गेम्स में उनका लगातार तीसरा पदक होगा.
आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में हुए मुकाबले में रोशिबिना को पॉइंट डिफरेंस के आधार पर विजेता घोषित किया गया. क्वार्टर फाइनल की इस जीत के साथ उन्होंने एशियाई खेलों में अपनी पदक यात्रा को लगातार तीसरे संस्करण तक पहुंचा दिया है.
रोशिबिना ने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. इसके बाद 2022 के हांगझोउ एशियाड में उनके खाते में ब्रॉन्ज आया. अब नागोया में उनका पदक पक्का हो चुका है. यानी दो एशियाड में दो अलग रंग के पदक जीतने के बाद उनके सामने इस बार सबसे चमकदार रंग हासिल करने का मौका है.
दो पदक जीत चुकीं, अब गोल्ड पर नजर
रोशिबिना की कहानी में इस बार सबसे दिलचस्प बात यही है कि उनका पदक तो पक्का हो गया है, लेकिन उसका रंग अभी तय नहीं हुआ है. सेमीफाइनल जीतने पर वह फाइनल में पहुंचेंगी और तब उनके पास सिल्वर से आगे बढ़कर गोल्ड जीतने का मौका होगा.
भारत को उनसे अब अगले मुकाबले में फाइनल का टिकट और उसके साथ पदक का रंग बदलने की उम्मीद होगी.
दो और भारतीयों का अभियान खत्म
महिलाओं की नानक्वान एवं नानदाओ स्पर्धा में हंजाबम लैंगलेंतोम्बी देवी नौवें स्थान पर रहीं. उन्होंने कुल 9.403 अंक हासिल किए. उनके स्कोर में क्वालिटी ऑफ मूवमेंट के 4.850, ओवरऑल परफॉर्मेंस के 2.703 और डिग्री ऑफ डिफिकल्टी के 1.850 अंक शामिल रहे.
वहीं पुरुषों के 56 किग्रा सांडा क्वार्टर फाइनल में आर्यन को उज्बेकिस्तान के सायदुल्लो अबुराशितोव से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा. अबुराशितोव ने मुकाबला 5-0, 0-5, 0-5 के स्कोर से अपने नाम किया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क