प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण पर विपक्ष और भाजपा के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है. विपक्ष ने ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी और महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा. कांग्रेस समेत कई दलों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मंच का इस्तेमाल राजनीतिक हमलों के लिए नहीं होना चाहिए. वहीं भाजपा नेताओं ने भाषण को विकसित भारत, युवाओं और महिला सशक्तीकरण का स्पष्ट रोडमैप बताया.