8 साल बाद अगस्त में एक साथ 4 तूफान, पश्चिमी प्रशांत में फिर बढ़ी हलचल

पश्चिमी प्रशांत में तूफानों की एक साथ एंट्री ने मौसम पर नजरें बढ़ा दी हैं. यहां 8 साल बाद अगस्त चार तूफान एक साथ एक्टिव हैं. इनमें सौडेल सबसे ताकतवर है, जिसकी हवा 165 किमी/घंटे तक पहुंच रही है.

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इस तस्वीर में आप चारों तूफानों को देख सकते हैं. (Photo: NOAA) इस तस्वीर में आप चारों तूफानों को देख सकते हैं. (Photo: NOAA)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:02 PM IST

पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस समय एक साथ चार नाम वाले तूफान एक्टिव हैं. अगस्त महीने में ऐसा करीब 8 साल बाद हुआ है. इससे पहले नवंबर 2024 में एक साथ चार तूफान एक्टिव थे. अभी तूफान सौडेल के अलावा ट्रॉपिकल स्टॉर्म नारा, गैनारी और अत्सानी भी एक्टिव हैं. चारों तूफानों की जगह, ताकत और चलने की दिशा अलग-अलग है. 

इन चारों में सौडेल सबसे ताकतवर है. वहीं नारा और गैनारी फिलहाल लगभग एक ही जगह पर बने हुए हैं, जबकि अत्सानी उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ रहा है.

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सौडेल सबसे ताकतवर

सौडेल की हवा की रफ्तार करीब 165 किलोमीटर प्रति घंटा है. तेज झोंके 240 KM/HR तक पहुंच रहे हैं. यह करीब 35 KM/HR की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. यह चारों में सबसे मजबूत तूफान है. इसकी तेज हवा और ज्यादा रफ्तार के कारण इस पर खास नजर रखी जा रही है.

नारा लगभग एक ही जगह पर

नारा की हवा की रफ्तार करीब 75 KM/HR और तेज झोंके 110 KM/HR तक हैं. यह फिलहाल लगभग एक ही जगह पर बना हुआ है. इसकी आगे बढ़ने की रफ्तार बहुत कम है, इसलिए इसकी स्थिति में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं दिख रहा है.

गैनारी की रफ्तार 65 km/h

गैनारी की हवा की रफ्तार करीब 65 KM/HR और तेज झोंके 95 KM/HR तक पहुंच रहे हैं. गैनारी भी फिलहाल लगभग एक ही जगह पर बना हुआ है. इसकी स्थिति और ताकत पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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अत्सानी उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा

अत्सानी करीब 15.1° उत्तरी अक्षांश और 137.3° पूर्वी देशांतर के पास है. इसकी हवा की रफ्तार करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंके 95 किलोमीटर प्रति घंटा तक हैं. यह करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा है. चारों तूफानों में इसकी दिशा बाकी सिस्टम से अलग है.

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एक साथ 4 तूफान क्यों अहम?

पश्चिमी प्रशांत में एक साथ चार नाम वाले तूफानों का एक्टिव होना इस समय की तेज तूफानी गतिविधि को दिखाता है. हालांकि चारों अलग-अलग जगहों पर हैं और उनकी ताकत भी अलग है. इसलिए इसका मतलब यह नहीं है कि चारों तूफान एक ही इलाके में खतरा पैदा कर रहे हैं.

मौसम एजेंसियां इनकी हवा की रफ्तार, दिशा और आगे की चाल पर नजर रख रही हैं. आने वाले समय में इनकी ताकत और दिशा बदल सकती है. फिलहाल सौडेल सबसे मजबूत है, जबकि नारा, गैनारी और अत्सानी ट्रॉपिकल स्टॉर्म के रूप में एक्टिव हैं.

अगस्त में पश्चिमी प्रशांत में एक साथ चार नाम वाले तूफानों का एक्टिव होना पिछले कई सालों में एक खास स्थिति है. चारों की चाल अलग है और आगे इनकी दिशा और ताकत में बदलाव पर नजर बनी रहेगी.

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