ब्राज़ील में मिले पत्थर के औजार इंसानों ने नहीं बंदरों ने बनाए थे, शोध से पता लगा

ब्राजील में खोजे गए पत्थरों के औजार करीब 50 हजार साल पुराने हैं, जिनको लेकर इतिहासकारों ने माना था कि इन्हें शुरूआती मानव ने बनाया था. लेकिन हाल ही में किए गए शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ये औजार इंसानों ने नहीं, ब्राजील के कैपुचिन बंदरों ने बनाए थे. वीडियो देखिए, समझ जाएंगे.

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बंदरों ने बनाए थे प्राचीन औजार, ताकी नट्स तोड़ सकें (Photo: Getty) बंदरों ने बनाए थे प्राचीन औजार, ताकी नट्स तोड़ सकें (Photo: Getty)

aajtak.in

  • ब्रा‍ज़िलिया,
  • 09 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

आर्टनेट में छपे एक लेख के मुताबिक, शोधकर्ताओं का मानना है कि ब्राजील में खोजे गए पत्थरों के प्राचीन औजार, शुरुआती इंसानों ने नहीं, बल्कि कैपुचिन बंदरों (capuchin monkeys) ने बनाए थे. 

पुरातत्वविद् अगस्टिन एम. एग्नोलिन (Agustín M. Agnolín) और जीवाश्म विज्ञानी फेडेरिको एल. एग्नोलिन (Federico L. Agnolín) ने साइंस जर्नल 'द होलोसीन' (science journal The Holocene) के नवंबर अंक में लिखा है कि हमें विश्वास है कि ब्राजील के शुरुआती पुरातत्व स्थल इंसानों ने नहीं बल्कि कैपुचिन बंदरों के बनाए हो सकते हैं.

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लेख में कहा गया है कि पुरातत्वविदों ने पेड्रा फुराडा (Pedra Furada) में पिछली खुदाई के दौरान स्थानीय रूप से पाए जाने वाले क्वार्ट्ज और क्वार्टजाइट कॉबल्स से बने प्राचीन पत्थर के औजारों को लेकर ये खुलासा किया है. पेड्रा फुराडा, पूर्वोत्तर ब्राजील (northeastern Brazil) में पियाउई (Piauí) में 800 से ज्यादा पुरातत्व स्थलों के संग्रह के लिए जाना जाता है.

खोजे गए सबसे पुराने पत्थर के औजार करीब 50,000 साल पुराने हैं और इन्हीं औजारों की वजह से कुछ इतिहासकारों ने माना था कि शुरूआती मानव इस क्षेत्र में पाए जाते थे. हालांकि, 2016 में वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च को चुनौती दी थी. रिसर्च में कहा गया था कि पूर्वोत्तर ब्राजील के कैपुचिन बंदर, पत्थरों के औजार बनाने और उनका उपयोग करने में सक्षम हैं.

इस रिसर्च के नतीजों से, साल 2017 की उस थ्योरी को बल मिलता है, जिसमें कह गया था कि पेड्रा फुराडा में मिले पत्थरों के औजार, मनुष्य ने नहीं बल्कि कैपुचिन बंदरों ने बनाए हैं. द होलोसीन आर्टिकल के लेखकों के मुताबिक, अब इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि पत्थरों के ये उपकरण मानव निर्मित नहीं थे.

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फेडेरिको एल एग्नोलिन ने अर्जेंटीना की 'नेशनल साइंटिफ़िक एंड टेक्निकल रिसर्च काउंसिल (National Scientific and Technical Research Council CONICET) को बताया कि साक्ष्यों से उन्हें इस बात के पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि ब्राजील की प्राचीन जगहों में मिली चीजों के लिए अमेरिकी नहीं, बल्कि कैपुचिन बंदर ज़िम्मेदार है.

शोधकर्ताओं ने पेड्रा फुराडा में पाए गए औजारों की तुलना उन चीज़ों से की हैं, जो आज कैपुचिन बंदरों के पास देखे जा सकते हैं. अगस्टिन एम. एग्नोलिन ने CONICET को बताया कि नतीजे आश्चर्यजनक थे. उन्होंने कहा कि 50,000 साल पहले के जिन औजारों को मानव निर्मित माना जाता था, बिलकुल वही औजार आज के कैपुचिन बंदरों के पास देखे जा सकते हैं. इनमें कोई अंतर नहीं है.

 

शोधकर्ताओं ने कैपचिन बंदरों की आबादी पर पूर्व में किए गए शोध देखे, जिनसे पता चलता है कि बंदर, छोटे पत्थरों का इस्तेमाल हथौड़ों के रूप में और बड़े पत्थरों का इस्तेमाल नट और बीज की फली को तोड़ने के लिए करते हैं. 

फेडेरिको एल. एग्नोलिन का कहना है कि शोध से इस बात का खुलासा हुआ है कि ब्राजील में पेड्रा फुराडा और अन्य आस-पास की साइटों से मिले टूल्स, अब से करीब 50 हजार साल पहले, नट और चट्टानों को तोड़ने के लिए कैपुचिन बंदरों ने बनाए थे.

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