बारिश बनी आफत! असम में बाढ़, जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड... कई राज्यों में बढ़ा खतरा

बारिश की हर नई बौछार के साथ खतरा बढ़ता जा रहा है. असम में बाढ़ ने हजारों घरों को घेर लिया है, जबकि जम्मू-कश्मीर और नागालैंड में लैंडस्लाइड लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है.

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भारत में मॉनसूनी बारिश लेट से आई और बेतरतीब हो रही है. कहीं सूखा तो कहीं बहुत ज्यादा बाढ़. (Photo: PTI/IMD) भारत में मॉनसूनी बारिश लेट से आई और बेतरतीब हो रही है. कहीं सूखा तो कहीं बहुत ज्यादा बाढ़. (Photo: PTI/IMD)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:04 PM IST

देश के कई हिस्सों में इस बार मॉनसून लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. असम, जम्मू-कश्मीर और नागालैंड में लगातार हो रही तेज बारिश से बाढ़ और लैंडस्लाइड ने हालात बिगाड़ दिए हैं. असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में कई जगह लैंडस्लाइड हुआ है. 

इन घटनाओं में कई लोगों की जान गई है और हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. लगातार बारिश की वजह से कई जगह सड़कें टूट गई हैं, पुलों को नुकसान पहुंचा है और बिजली व मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुए हैं. कई गांवों का संपर्क दूसरे इलाकों से कट गया है. 

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राहत और बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन कई जगह पानी और मलबे की वजह से पहुंचना आसान नहीं है. सबसे ज्यादा असर इस समय असम में देखने को मिल रहा है, जबकि जम्मू-कश्मीर और नागालैंड में भी हालात सामान्य होने में समय लग सकता है.

असम के गुवाहाटी में पानी से भरी सड़क को पार करता व्यक्ति. (Photo: PTI)

6.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

असम इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में है. यहां बाढ़ से अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 6.53 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं. ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का पानी कई इलाकों में फैल गया है. हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ा है.

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939 गांव अब भी पानी में डूबे

सबसे ज्यादा असर शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट जिलों में है. इन जिलों के 939 गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं. बाढ़ की वजह से 24 हजार हेक्टेयर से ज्यादा खेती भी प्रभावित हुई है. इससे किसानों की फसल को बड़ा नुकसान होने की आशंका है.

पुंछ में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण कई जगह लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ आई है. सबसे बड़ा हादसा 20 जुलाई को पुंछ जिले में हुआ. यहां भूस्खलन के बाद एक कच्चा मकान मलबे में दब गया. इस हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों, जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल थे, की मौत हो गई.

पुंछ में भारी बारिश के बाद कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुआ है. (Photo: PTI)

पूरे जम्मू-कश्मीर में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है. पुंछ और राजौरी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. कई घर बह गए हैं, सड़कें टूट गई हैं और बिजली व संचार सेवाओं को भी नुकसान पहुंचा है.

दूसरे दिन भी बंद रहा जम्मू-श्रीनगर हाईवे

भारी बारिश और की लैंडस्लाइड वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा. यह सड़क कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला सबसे अहम रास्ता है. हाईवे बंद होने से लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान की सप्लाई पर भी असर पड़ा है.

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नागालैंड में राहत-बचाव का काम जारी

लगातार बारिश का असर नागालैंड में भी देखने को मिला है. राज्य में कई जगह भूस्खलन हुआ, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई. कुछ इलाकों में अब भी राहत और बचाव का काम जारी है. अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश की वजह से नए लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है.

अखनूर के नदी का जलस्तर भारी बारिश के बाद तेजी से बढ़ गया. (Photo: PTI)

आगे भी भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक सक्रिय मॉनसून और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. इससे बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बना रहेगा. लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों और पहाड़ी इलाकों में सावधानी बरतें और प्रशासन की सलाह का पालन करें.

असम से लेकर जम्मू-कश्मीर और नागालैंड तक लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बाढ़ और लैंस्लाइड से जनजीवन, खेती, सड़कें और जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं. जब तक भारी बारिश का दौर जारी है, तब तक लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग व प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी होगा.

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