लगातार कई दिनों से भारी बारिश, जलभराव और ट्रैफिक की समस्या से जूझ रही मुंबई के लिए राहत भरी खबर है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब शहर में बारिश की तीव्रता कम होने वाली है. मॉनसून की सक्रिय प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है, जिससे मुंबई और आसपास के इलाकों में अच्छे दिन लौटने वाले हैं. मध्य जुलाई तक राहत मिलने की संभावना है. इससे लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में सुविधा होगी और शहर की जल निकासी व्यवस्था भी सामान्य हो सकेगी.
दिल्ली-NCR में सूखा और बढ़ती उमस
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में इस समय पूरी तरह ड्राई स्पेल चल रहा है. दिन के तापमान और रात के तापमान दोनों सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा बने हुए हैं. हवा में नमी की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जिसकी वजह से मौसम बेहद उमस भरा और चिपचिपा हो गया है. लोग घर के अंदर भी असहज महसूस कर रहे हैं. पिछले 24 घंटों में भी दिल्ली-एनसीआर ज्यादातर सूखा ही रहा और कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई.
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इस पूरे हफ्ते दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून की स्थिति कमजोर बनी रहेगी. 9 जुलाई के आसपास मॉनसून ट्रफ थोड़ी देर के लिए दिल्ली के करीब आने से कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. लेकिन यह बारिश बहुत कमजोर और छोटे समय के लिए होगी. 10 जुलाई के बाद ट्रफ फिर से उत्तर की ओर खिसक जाएगी. मध्य जुलाई तक दिल्ली में भारी या सामान्य बारिश की उम्मीद कम है.
जुलाई में बारिश की कमी और चिंता
जुलाई दिल्ली का दूसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना होता है, जिसमें औसतन 195.8 मिलीमीटर बारिश होती है. पिछले आठ सालों से दिल्ली में जुलाई में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश हो रही थी. लेकिन इस साल जुलाई का पहला हफ्ता काफी कमजोर रहा है.
अब तक सिर्फ 11.8 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज हुई है. अगर दूसरे हफ्ते में भी बारिश नहीं हुई तो जुलाई के आखिरी हिस्से पर पूरा दबाव पड़ जाएगा. अच्छी बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनना या पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव जरूरी है.
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मध्य भारत में भारी बारिश का कहर
मध्य भारत, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के सूरत, इंदौर, कोटा, उदयपुर में अगले दो दिनों तक बेहद भारी बारिश होने वाली है. छत्तीसगढ़ के ऊपर बने डिप्रेशन के कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने के बाद भी यह सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. इससे मॉनसून ट्रफ पश्चिम की ओर खिंच रही है.
इन इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है. 11 जुलाई तक इस क्षेत्र में राहत मिलने की संभावना है. अगले 24 घंटों के दौरान ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात और तटीय कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना है. मॉनसून की मुख्य गतिविधि इस समय देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में केंद्रित है.
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वर्तमान में छत्तीसगढ़ पर बना मौसम तंत्र कमजोर होकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तराई इलाकों की ओर बढ़ रहा है. इसी वजह से मॉनसून ट्रफ दिल्ली से दूर चली गई है. जब यह सिस्टम पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पहाड़ियों की ओर जाएगा, तो ट्रफ फिर से दिल्ली से दूर चली जाएगी. इस पूरी प्रक्रिया में दिल्ली-एनसीआर में बारिश की गतिविधि बहुत कम या न के बराबर रहने वाली है.
दिल्ली-एनसीआर में मौसम की यह स्थिति अगले 2-3 दिनों तक बनी रह सकती है. नया वेदर मैप स्पष्ट रूप से बता रहा है कि इस समय मॉनसून की गतिविधि देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग व्यवहार कर रही है.
आजतक साइंस डेस्क