500 साल से खड़ी थी चट्टान, एक तूफान में समुद्र में समा गई, हवाई का मशहूर सी आर्क खत्म

करीब 500 साल तक समुद्र के किनारे खड़ी रही हवाई की मशहूर चट्टान आखिरकार गायब हो गई. तेज लहरों, भूकंप और दरारों से कमजोर हो चुकी यह चट्टान तूफान के दौरान टूटकर प्रशांत महासागर में समा गई.

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ये आर्क जो हाथी के सूंड जैसा दिखता था. वो एक तूफान की वजह से खत्म हो गया. (Photo: X/US Department of Interior) ये आर्क जो हाथी के सूंड जैसा दिखता था. वो एक तूफान की वजह से खत्म हो गया. (Photo: X/US Department of Interior)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

करीब 500 साल से हवाई के समुद्र किनारे खड़ी मशहूर होलेई सी आर्क अब नहीं रही. अमेरिका के हवाई में मौजूद हवाई वॉल्केनोज नेशनल पार्क की यह चट्टान ट्रॉपिकल स्टॉर्म नोलो के दौरान टूटकर प्रशांत महासागर में गिर गई. पार्क अधिकारियों ने 27 सितंबर तक इसके पूरी तरह गायब होने की पुष्टि की. यह चट्टान कई साल से समुद्री लहरों, भूकंप और दरारों के कारण कमजोर हो रही थी.

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होलेई सी आर्क बेसाल्ट चट्टान से बनी थी. यह इलाका ज्वालामुखी से बनी चट्टानों के लिए जाना जाता है. समुद्र की लहरें लगातार इस चट्टान से टकराती थीं. इससे इसका कुछ हिस्सा धीरे-धीरे टूटता रहा. 2018 में किलाउए इलाके में आए भूकंपों के बाद भी चट्टानों पर असर पड़ा. 2020 में होलेई सी आर्क में बड़ी दरारें दिखीं. 2022 में तेज समुद्री लहरों से इसे और नुकसान पहुंचा.

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लहरों से लगातार कमजोर हो रही थी

समुद्र की लहरें जब लंबे समय तक चट्टानों से टकराती हैं तो चट्टान धीरे-धीरे टूटने लगती है. इसे समुद्री कटाव कहा जाता है. होलेई सी आर्क के साथ भी यही हुआ. लहरों के साथ भूकंप और मौसम का असर भी इस पर पड़ता रहा. 2018 के भूकंप के बाद चट्टान कमजोर हुई. 2020 में इसमें दरारें आईं और 2022 में तेज लहरों से नुकसान और बढ़ गया. इसके बाद ट्रॉपिकल स्टॉर्म नोलो के दौरान चट्टान का बचा हुआ कमजोर हिस्सा भी टूट गया.

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27 सितंबर तक पूरी तरह गायब

पार्क अधिकारियों के मुताबिक 27 सितंबर तक होलेई सी आर्क पूरी तरह गिर चुकी थी. अधिकारियों ने लोगों को आसपास की कमजोर चट्टानों से दूर रहने को कहा है. यहां अचानक चट्टान गिरने और समुद्र में बह जाने का खतरा हो सकता है.

होलेई सी आर्क के गिरने के बाद इसकी पुरानी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं. पार्क रेंजर्स के मुताबिक हवाई का समुद्री किनारा लगातार बदलता रहता है. पुरानी चट्टानें टूटती हैं और समुद्र की लहरों से समय के साथ नई चट्टानी आकृतियां भी बन सकती हैं. इसलिए इस तरह की चट्टानों का टूटना प्राकृतिक बदलाव का हिस्सा है.

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