जापान के दक्षिणी हिस्से में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का भूकंप आया. इस हादसे में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा असर कुमामोटो और आसपास के इलाकों में हुआ, जहां सड़कें टूट गईं और कई जगह पानी जैसी जरूरी सेवाएं बंद हो गईं. लेकिन इस भूकंप का असर सिर्फ लोगों तक ही सीमित नहीं रहा. Photo: AFP
कुमामोटो जापान का बड़ा ऑटो और चिप बनाने वाला इलाका है. इसलिए यहां की कई फैक्ट्रियों का काम रुक गया और दुनिया की सप्लाई चेन पर भी असर पड़ने लगा. भूकंप के बाद टोयोटा, निसान, टीएसएमसी, सोनी और रेनेसेस जैसी कई बड़ी कंपनियों को अपना काम रोकना या कम करना पड़ा. कुछ फैक्ट्रियों में नुकसान हुआ, जबकि कई जगह सामान की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट भी प्रभावित हुआ. Photo: AP
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालात 2016 जैसे नहीं हैं, लेकिन अगर पार्ट्स की सप्लाई जल्दी ठीक नहीं हुई तो कार और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री पर इसका असर कुछ समय तक रह सकता है. जापान दुनिया के सबसे बड़े कार और चिप बनाने वाले देशों में गिना जाता है. इसलिए वहां आने वाली किसी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा का असर कई दूसरे देशों तक भी पहुंच सकता है. Photo: Reuters
टोयोटो ने सुरक्षा और सप्लायर कंपनियों की स्थिति को देखते हुए फुकुओका में अपने तीन प्लांट 5 अगस्त तक बंद रखने का फैसला किया है. वहीं, आइची में मौजूद उसका एक और प्लांट भी कुछ समय के लिए बंद रहेगा, जबकि यह इलाका भूकंप वाली जगह से करीब 600 किलोमीटर दूर है. इससे पता चलता है कि असर सिर्फ भूकंप वाले इलाके तक नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई चेन पर पड़ा है. Photo: AP
टोयोटा को पार्ट्स देने वाली ऐसिन कंपनी की फैक्ट्री भी भूकंप से प्रभावित हुई है. कंपनी का कहना है कि जहां जांच पूरी हो रही है, वहां धीरे-धीरे काम फिर से शुरू किया जा रहा है. हालांकि फैक्ट्री पूरी तरह कब चलेगी, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है. Photo: AFP
एक कार बनाने के लिए हजारों छोटे-बड़े पार्ट्स की जरूरत होती है. ये पार्ट्स अलग-अलग कंपनियों से आते हैं. अगर एक जरूरी पार्ट भी समय पर नहीं पहुंचता, तो पूरी कार बनना रुक सकता है. Photo: AP
इसी वजह से निसान ने भी क्यूशू में अपने दो प्लांट का कुछ काम रोक दिया है. वहीं मित्सुबिशी मोटर्स ने भी अपने एक प्लांट में कुछ समय के लिए उत्पादन बंद कर दिया है. Photo: Reuters
ऑटो पार्ट्स बनाने वाली डेन्सो ने बताया कि उसके एक सप्लायर पर भूकंप का असर पड़ा है. वहीं 13 दूसरी सप्लायर कंपनियां अभी अपने प्लांट की जांच कर रही हैं. Photo: AFP
कुमामोटो को जापान की 'सिलिकॉन वैली' भी कहा जाता है. यहां दुनिया की कई बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियां मौजूद हैं. यही चिप मोबाइल, कंप्यूटर, कार और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक मशीनों में इस्तेमाल होती हैं. Photo: AP
दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप बनाने वाली कंपनी टीएसएमसी ने भूकंप के तुरंत बाद अपने कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला. कुछ घंटों बाद कंपनी ने धीरे-धीरे काम फिर से शुरू कर दिया. Photo: AP
वहीं रेनेसेस ने बताया कि उसकी एक फैक्ट्री में छत के कुछ हिस्से गिर गए, दीवारों में दरारें आ गईं और पानी का लिकेज हुआ. कंपनी 5 अगस्त से धीरे-धीरे उत्पादन शुरू करेगी. सोनी और टोक्यो इलेक्ट्रोन भी अपनी फैक्ट्रियों में काम दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रही हैं. Photo: Reuters
साल 2016 में भी इसी इलाके में बड़ा भूकंप आया था, जिसमें 260 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. उस समय ऐसिन की फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ था. इसके कारण टोयोटा को पूरे जापान में कई प्लांट बंद करने पड़े थे. Photo: Reuters
उस घटना के बाद कंपनियों ने अपनी सप्लाई चेन को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने की कोशिश की. अब यह भूकंप बताएगा कि वे तैयारियां कितनी काम आईं. Photo: AFP
यह भूकंप दिखाता है कि प्राकृतिक आपदाओं का असर सिर्फ लोगों की जिंदगी पर नहीं पड़ता, बल्कि दुनिया की इंडस्ट्री और सप्लाई चेन भी इससे प्रभावित होती है. फिलहाल कई कंपनियां धीरे-धीरे अपना काम फिर से शुरू कर रही हैं. आने वाले दिनों में पता चलेगा कि हालात पूरी तरह सामान्य होने में कितना समय लगेगा और इसका असर ऑटो और चिप इंडस्ट्री पर कितने समय तक रहेगा. Photo: Reuters