आपकी जेब में कितना वजन है, इसका अंदाजा लगाना हो तो घर की दक्षिण-पूर्व (साउथ-ईस्ट) दिशा आपको पूरी जानकारी देगी. इस दिशा में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष आपको रोजमर्रा के खर्चों के दिक्कत देने लगता है. भले ही आपके बैंक में करोड़ों रुपए हो, खूब जमीन-जायदाद हो, लेकिन दक्षिण-पूर्व दिशा में वास्तु दोष है तो आदमी पाई-पाई के लिए मोहताज रहता है. रसोई में दो वक्त का खाना बनाने के लिए भी इंतजाम करना मुश्किल होगा.
वास्तु एक्सपर्ट के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा का विशेष ख्याल रखें. इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें. अग्नि तत्व में आने वाली इस दिशा में किसी भी प्रकार से जल या आकाश तत्व के रंग की चीज का होना वास्तु दोष पैदा करता है. इस दिशा में रसोई का होना अच्छा है. यहां व्यवस्थित रसोई होने से परिवार की दैनिक जरूरतों से जुड़े खर्चों में संतुलन बना रहता है और घर में संसाधनों की कमी महसूस नहीं होती है.
साउथ-ईस्ट में टॉयलेट
साउथ-ईस्ट का टॉयलेट आपके गैर जरूरी खर्चों में वृद्धि कर सकता है. कहां कितना खर्च करना है और कहां खर्च नहीं करना है, इसकी समझ को खत्म कर देता है, साउथ ईस्ट का टॉयलेट. या फिर जीवन में अचानक ऐसे खर्चे बढ़ने लगते हैं जो आपका बजट बिगाड़ देते हैं. इस दिशा में किसी भी प्रकार के कोई गड्ढा नहीं होना चाहिए. यहां रसोई का होना अच्छा है. काला, नीला और मिल्की सफेद रंग इस दिसा में वास्तु दोष पैदा करते हैं.
कब लाभ देगी ये दिशा?
इस दिशा में हरा, गुलाबी रंग का होना अच्छा है. हालांकि यह अग्नि तत्व की दिशा है. फिर भी अधिकता में लाल रंग भी इस दिशा में नुकसान कर सकता है. इस दिशा में रसोई आपको दैनिक जीवन के खर्चों में कभी कमी नहीं होने देगी. यदि घर में आर्थिक संसाधन पर्याप्त होने के बावजूद रोजमर्रा के खर्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है तो दक्षिण-पूर्व दिशा का निरीक्षण किया जा सकता है. इस दिशा को व्यवस्थित, स्वच्छ और अग्नि तत्व के अनुरूप रखना आर्थिक जीवन में संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है.
अंशु पारीक