साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग चुका है. यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र में लगा है. भारतीय समय के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण रात 09 बजकर 04 मिनट से लेकर देर रात 01 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. सूर्य ग्रहण का मध्य समय रात 10:28 बजे से लकर रात 12:04 बजे तक रहेगा. और ग्रहण का (पीक टाइम) रात 11 बजकर 16 मिनट पर होगा. खगोलविदों का कहना है यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जिसमें सूर्य का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा चंद्रमा के पीछे छिप जाएगा. यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं हैं. लेकिन ज्योतिषविदों का कहना है कि भारत में रहने वाले लोगों को कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए. इस सूर्य ग्रहण से जुड़ा हर जरूरी अपडेट यहां पढ़ें...
11.20 PM: गर्भवती महिलाएं, बच्चे और वृद्धजन क्या सावधानी बरतें?
ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा का कहना है कि सूर्य ग्रहण के चलते भारत में लोगों को किसी खास नियम का पालन करने की जरूरत नहीं है. मंदिर को बंद करके न बैठें. पूजा-पाठ नियमित करते रहें. गर्भवती महिलाएं, बच्चे और वृद्धजन भी सामान्य दिनों की तरह अपने दैनिक कार्य कर सकते हैं. खाना पकाने, भोजन करने, सब्जी काटने-छीलने पर भी कोई पाबंदी नहीं है.
11.12 PM: सूर्य ग्रहण के बाद करें ये उपाय
सूर्य ग्रहण के बाद सुबह ब्रह्म मुहूर्त में शिवलिंग का जलाभिषेक करें. भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें. इसके बाद सूर्य से जुड़ी चीजों का दान करें. आप गुड़, गेंहूं, ताम्बे के बर्तन, लाल वस्त्र आदि का दान करें. आप चाहें तो गरीब, जरूरतमंद लोगों को धन का दान भी कर सकते हैं. इसके बाद सुबह सूर्योदय होते ही ताम्बे के लोटे में जल भरकर उससे सूर्य को अर्घ्य दें.
11.04 PM: शास्त्रों में भी सूर्य ग्रहण का जिक्र
शास्त्रों में कई जगहों पर सूर्य ग्रहण का जिक्र मिलता है. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण लगने पर ही भगवान राम ने खर दूषण का वध किया था. सूर्य ग्रहण के दिन ही पांडव जुए में अपना सबकुछ हार गए थे. सूर्य ग्रहण पड़ने पर ही अर्जुन ने जयद्रथ को मारा था. द्वारिका में ग्रहण लगा तो कृष्ण नगरी समुद्र में समा गई थी.
10.51 PM: सूर्य ग्रहण का देश-दुनिया पर कितना असर?
ज्योतिषाचार्य डॉ. नितीशा मल्होत्रा के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण अश्लेषा नक्षत्र में स्थान ले रहा है, जो कि नाग श्रेणी नक्षत्र माना जाता है. ऐसे में वैश्विक स्तर पर सरकार, राजनेता या किसी बड़े पद पर बैठे लोगों के गोपनीय खुलासे हो सकते हैं. लोगों में असंतोष बढ़ सकता है. नेतृत्व में बड़ा बदलाव हो सकता है. कई देशों की सीमाओं तनाव हो सकता है. साथ ही, भूंकप-बाढ़-ज्वालामुखी जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी देखने को मिल सकती हैं.
10.33 PM: ब्रह्म मुहूर्त में सूर्य ग्रहण को मिलेगा मोक्ष?
ज्योतिषाचार्य नितीशा मल्होत्रा के मुताबिक, इस सूर्य ग्रहण को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मोक्ष मिलेगा. किसी भी सूर्य ग्रहण को ब्रह्म मुहूर्त में मोक्ष मिलना बहुत शुभ होता है. इस दौरान कुछ उपाय किए जा सकते हैं. ब्रह्म मुहूर्त में बच्चों के हाथों से धातु से के नाग-नागिन शिवलिंग पर अर्पित करवाएं. इससे उन्हें आरोग्य का वरदान मिलेगा और जीवन में चल रही मुश्किलें दूर होंगी.
10.28 PM: सूर्य ग्रहण का मध्य काल शुरू
साल के इस आखिरी सूर्य ग्रहण का मध्य काल शुरू हो चुका है. ग्रहण का मध्य काल रात 10.28 बजे से लेकर रात 12.04 बजे तक रहने वाला है. इस बीच 11.16 बजे सूर्य ग्रहण पीक पर होगा. यही वो समय होगा जब दुनिया पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देख रही होगी.
10.13 PM: सूर्य ग्रहण का भारतीयों पर कितना असर?
आचार्य राज मिश्रा के मुताबिक, यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है. इसलिए इसका सीधे तौर पर यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. लेकिन जिस व्यक्ति की जन्मकुंडली के दशम भाव या सूर्य-चंद्रमा के भाव में सूर्य ग्रहण घटित हुआ है, उन्हें लाभ होगा. वहीं, जिन लोगों की कुंडली के ऐसे भाव में ग्रहण लगा है जहां मंगल-राहु-शनि जैसे ग्रह बैठे हैं, उन्हें नुकसान हो सकता है.
10.03 PM: कहां देखें सूर्य ग्रहण का लाइव स्ट्रीम?
9.55 PM: क्या खुली आंखों से देख सकते हैं सूर्य ग्रहण?
नहीं, सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखना हानिकारक होता है. वैज्ञानिक कहते हैं कि खुली आंखों से सूर्य ग्रहण देखने पर आंखों का रेटिना खराब हो सकता है. इसे देखने के लिए धूप वाले चश्मे, फिल्टर ग्लास या दूरबीन का प्रयोग करें. इसके अलावा, आप किसी बर्तन में पानी भरकर सूर्य ग्रहण का प्रतिबिंब उसमें देख सकते हैं.
9.46 PM: 90 प्रतिशत तक ढक जाएगा सूर्य
खगोलविदों के मुताबिक, यह पूर्ण सूर्य ग्रहण बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना है. ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के करीब 90 फीसदी हिस्से को ढक लेगा. ऐसे में जिन इलाकों में उस वक्त दिन होगा, वहां कुछ समय के लिए दिन में रात जैसा अंधेरा छा जाएगा. खगोलविदों का दावा है कि ऐसी खगोलीय स्थिति दोबारा करीब 64 साल बाद 2090 में देखने को मिलेगी.
9.42 PM: 18 साल बाद दुर्लभ सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण हरियाली अमावस्या पर लगा है. यह संयोग करीब 18 साल बाद बना है. भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर इससे पहले साल 2008 में सूर्य ग्रहण लगा था.
9.36 PM: चतुर्ग्रही योग में सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण एक बड़े ही अद्भुत संयोग बन रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, सूर्य ग्रहण चतुर्ग्रही योग के संयोग में लग रहा है. यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि में घटित हुआ है. इसी राशि में चार ग्रह एकसाथ बैठे हुए हैं. कर्क राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध और गुरु एकसाथ विराजमान हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि ऐसा दुर्लभ संयोग सालों बाद बना है.
9.33 PM: कहां-कहां दिख रहा सूर्य ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण उत्तरी प्रशांत महासागर, पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका में दिखाई दे रहा है. ग्रहण का मुख्य मार्ग ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी रूस से होकर गुजरेगा. ऐसे में स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में पूर्ण ग्रहण देखा जा सकेगा. दुनिया के कुछ अन्य क्षेत्रों में ग्रहण आंशिक रूप से भी दिखाई देने वाला है.
9.28 PM: सूर्य ग्रहण का समय क्या है?
9.26 PM: सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें?
सूर्य के दौरान कोई महत्वपूर्ण या नया काम शुरू न करें. जिन जगहों पर सूर्य ग्रहण दिख रहा है, वहां खुली आखों से इसे न देखें. सूर्य की सीधी किरणों के संपर्क में आने से बचें. जोखिम भरे कार्य न करें. बेवजह मन में नकारात्मक विचार न आने दें.
9.24 PM: सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें?
ज्योतिषविद शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान भगवान की आराधना और मंत्र जाप करें. शांत मन से पूजा-पाठ करें. ग्रहण समापन के बाद स्नान करें. ग्रहण के अगले दिन सुबह सूर्य से जुड़ी चीजों का दान करें
9.14 PM: क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जो भारत में दर्शनीय नहीं है. इसलिए यहां रहने वाले लोगों को बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं है और न ही किसी कठोर नियम का पालन करने की जरूरत है. लेकिन ज्योतिषीय सलाह पर कुछ विशेष बातों का ध्यान जरूर रखें. जैसे मन में नकारात्मकता न लाएं. जोखिम भरे कार्य न करें. रात में सुनसान जगहों पर जाने से बचें.
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