Shukra Nakshatra Parivartan 2026: 11 सितंबर 2026 को सौंदर्य, सुख-समृद्धि और धन के कारक ग्रह शुक्र स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसके स्वामी छाया ग्रह राहु हैं. शुक्र का राहु के नक्षत्र (स्वाति) में जाना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक अत्यंत संवेदनशील स्थिति बनाता है. जहां एक ओर राहु इच्छाओं और भ्रम का प्रतीक है, वहीं शुक्र भौतिक सुखों का कारक है. ऐसे में स्वाति नक्षत्र में शुक्र का यह गोचर कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, अनचाहे खर्चों और रिश्तों में गलतफहमियों का कारण बन सकता है. शुक्र के इस नक्षत्र परिवर्तन से मुख्य रूप से इन राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी:
मेष राशि
प्रभाव: शुक्र का राहु के नक्षत्र में जाना आपके सातवें भाव को प्रभावित करेगा.
सावधानी: जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद और गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. पैसों के लेन-देन में जल्दबाजी न करें, बड़ा नुकसान हो सकता है.
वृश्चिक राशि
प्रभाव: आपकी राशि के लिए शुक्र का यह गोचर बारहवें (व्यय) भाव से जुड़ा रहेगा.
सावधानी: फिजूलखर्चों में अचानक बढ़ोतरी होगी, जिससे बजट बिगड़ सकता है. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और स्वास्थ्य, विशेषकर आंखों या पेट से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें.
मकर राशि
प्रभाव: शुक्र आपके कर्म (दशम) भाव के स्वामी होकर राहु के नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.
सावधानी: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या महिला सहयोगियों के साथ बहस से बचें. ऑफिस की राजनीति का शिकार होने की आशंका है, इसलिए अपनी योजनाओं को गुप्त रखें.
मीन राशि
प्रभाव: आपकी राशि के आठवें (आयु व संकट) भाव पर इस गोचर का प्रभाव दिखेगा.
सावधानी: वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें. शेयर बाजार या सट्टेबाजी में पैसा लगाने से बचें, क्योंकि बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है.
अशुभ प्रभावों से बचने के सरल उपाय
- रोजाना या शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को सफेद पुष्प अर्पित करें और 'लक्ष्मी चालीसा' का पाठ करें.
- शुक्रवार के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को दूध, चावल या चीनी जैसी सफेद वस्तुओं का दान करें.
- प्रतिदिन ऊं शुं शुक्राय नमः और ऊं रां राहवे नमः मंत्र का एक माला (108 बार) जाप करें.
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