Shani Vakri: 8 दिन बाद 7 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क! वक्री शनि बढाएंगे टेंशन

Shani Vakri:27 जुलाई को शनि देव वक्री हो रहे हैं, इस बदलाव से कर्क, सिंह, तुला समेत 7 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें. जानें कब शुरू होगा शनि का प्रभाव और बचाव के उपाय.

Advertisement
शनि देव की स्थिति में यह विशेष बदलाव 27 जुलाई की रात 1 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगा.(Photo: ITG) शनि देव की स्थिति में यह विशेष बदलाव 27 जुलाई की रात 1 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगा.(Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:57 PM IST

Shani Vakri: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मों का फल देने वाला माना गया है. शनि की चाल में होने वाला कोई भी छोटा सा परिवर्तन समस्त राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है.  अब 27 जुलाई का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है. ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि देव की स्थिति में यह विशेष बदलाव 27 जुलाई की रात 1 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगा. यह खगोलीय घटना कई राशियों के लिए चुनौतियों का सबब बन सकती है. 

Advertisement

शनि का प्रभाव और सतर्कता
शनि के इस गोचर या वक्री स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा.  हालांकि, कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से सावधानी बरतने वाला है.  जब शनि की दृष्टि प्रतिकूल होती है, तो व्यक्ति को कार्यक्षेत्र में बाधाओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और आर्थिक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. 

किन राशियों को रहना होगा सतर्क?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दौरान कर्क, सिंह, तुला, धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है.

कर्क और सिंह: इन राशियों को अपने कार्यस्थल पर सावधानी बरतनी होगी. वाणी पर संयम रखें.  अनावश्यक विवादों से दूर रहें.

तुला और धनु: आर्थिक मामलों में बड़ा जोखिम लेने से बचें. निवेश सोच-समझकर करें, अपने स्वास्थ्य को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें.

Advertisement

मकर और कुंभ: शनि इन राशियों के स्वामी हैं. इस अवधि में उन्हें अपने व्यवहार में विनम्रता लानी होगी. किसी भी प्रकार के अहंकार से बचें, अन्यथा बनते काम बिगड़ सकते हैं. 

उपाय से मिलेगी राहत
शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष में कुछ सरल उपाय बताए गए हैं.  शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना और जरूरतमंदों को दान करना अत्यंत फलदायी होता है.  इसके अलावा, ओम शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करना मन को शांति प्रदान करता है. मानसिक तनाव को कम करता है. 

निष्कर्ष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह समय किसी के लिए भी घबराने का नहीं, बल्कि सचेत रहने का है. ग्रहों की स्थिति हमें आने वाली परिस्थितियों के लिए तैयार करती है.  यदि आप अपने कर्मों को सुधारें और सही निर्णय लें, तो शनि की कृपा भी प्राप्त की जा सकती है. 27 जुलाई की रात 1:25 बजे के बाद के दिनों में धैर्य ही आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी. अपने स्वास्थ्य, खान-पान और कार्यशैली पर ध्यान दें, ताकि आप आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना कर सकें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »