Shani Ki Sade Sati: मेष-कुंभ-मीन पर शनि की साढ़ेसाती, जानें कैसे रहेंगे 2027 के पहले 6 महीने

Shani Ki Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती तीन राशियों के लिए अलग-अलग चरण में चल रही है. मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण है. मीन राशि मध्य चरण से गुजर रही है. वहीं कुंभ राशि पर अंतिम चरण चल रहा है. 3 जून 2027 को शनि जब मेष राशि में चले जाएंगे तो साढ़ेसाती का गणित भी बदल जाएगा.

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3 जून 2027 को शनि मेष राशि में गोचर करेंगे. इसके बाद शनि की साढ़ेसाती का गणित बदल जाएगा. (Photo: ITG) 3 जून 2027 को शनि मेष राशि में गोचर करेंगे. इसके बाद शनि की साढ़ेसाती का गणित बदल जाएगा. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:53 PM IST

Shani Ki Sade Sati: इस वक्त न्याय देव शनि वक्री अवस्था में मीन राशि में विराजमान हैं. इसलिए मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती के तीन अलग-अलग चरण चल रहे हैं. 3 जून 2027 को शनि मेष राशि में गोचर करेंगे और तब तक साढ़ेसाती की यही स्थिति रहेगी. यानी 2027 के पहले छह महीने भी इन्हीं राशियों पर शनि की साढ़ेसाती रहने वाली है. आइए जानते हैं कि इन राशियों को कैसे परिणाम मिलेंगे.

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मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. यानी इस राशि के जातकों के लिए साढ़ेसाती की शुरुआत का दौर है. इस समय खर्च और जिम्मेदारियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी. मेष राशि वालों को धन से जुड़े मामलों में जोखिम लेने से बचना चाहिए. कामकाज में बदलाव हो सकता है. किसी नई जिम्मेदारी का सामना भी करना पड़ सकता है. ऐसे में हर काम को सोच-समझकर करना बेहतर रहेगा. अचानक लिए गए फैसले परेशानी बढ़ा सकते हैं.
उपाय- सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर हर शनिवार शनि मंदिर में दीपक जलाएं.

कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. ऐसे में धीरे-धीरे राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है. पिछले समय में जिन कामों को लेकर काफी भागदौड़ करनी पड़ी, उनमें अब स्थिति पहले के मुकाबले संभल सकती है. हालांकि अंतिम चरण में भी लापरवाही ठीक नहीं मानी जाती. खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है. परिवार से जुड़े मामलों में समझदारी से काम लेना होगा.
उपाय- शनि देव से जुड़ी चीजों का दान करें.

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मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए साढ़ेसाती का सबसे महत्वपूर्ण मध्य चरण माना जाता है. इस दौरान काम का दबाव बढ़ सकता है. जिम्मेदारियां भी अधिक महसूस हो सकती हैं. मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है. नौकरी करने वाले लोगों को अपने काम पर खास ध्यान देना होगा. पैसों के मामले में अनावश्यक खर्च से बचना होगा. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इस राशि के लोगों के लिए हर चीज खराब रहेगी. मेहनत करने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं.
उपाय- किसी पात्र में सरसों का तेल लेकर छाया दान करें.

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