Shadashtak Yog 2026: 2 सितंबर से 26 सितंबर तक संभलकर रहें 3 राशियां! षडाष्टक योग मचाएगा तबाही

Shadashtak Yog 2026: 2 सितंबर 2026 को शुक्र शनि के साथ मिलकर षडाष्टक योग का निर्माण करेंगे. वैदिक ज्योतिष में षडाष्टक योग बहुत ही अशुभ माना जाता है. आइए जानते हैं कि 2 सितंबर को बनने वाला षडाष्टक योग किन राशियों के लिए अशुभ रहेगा. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.

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षडाष्टक योग (Photo: NASA) षडाष्टक योग (Photo: NASA)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:17 PM IST

Shadashtak Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को शुक्र ग्रह कन्या राशि से निकलकर अपनी स्वराशि तुला में गोचर करेंगे. तुला राशि में शुक्र का यह प्रवेश 26 सितंबर 2026 तक रहेगा, जिसके बाद शुक्र वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे. इसी अवधि (2 सितंबर से 26 सितंबर 2026) के दौरान मीन राशि में विराजमान शनि के साथ शुक्र का षडाष्टक योग (6ठे और 8वें भाव का संबंध) बना रहेगा. ज्योतिष में इस योग को शुभ नहीं माना जाता है, जिससे जीवन में मानसिक तनाव, अचानक खर्च और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं. ग्रहों की इस स्थिति के कारण 2 सितंबर से 26 सितंबर 2026 के बीच कौन सी राशियों को नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

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कन्या राशि (Virgo)
शुक्र आपकी राशि से निकलकर दूसरे भाव में जाएंगे, जबकि शनि सातवें/आठवें भाव से षडाष्टक संबंध बनाएंगे. आर्थिक मामलों में अड़चनें आ सकती हैं. अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें. परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान वाणी में मधुरता बनाए रखें, अन्यथा मतभेद हो सकते हैं.

तुला राशि (Libra)
शुक्र आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में गोचर करेंगे और छठे भाव में स्थित शनि के साथ षडाष्टक योग बनाएंगे. स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. आलस्य या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. अपनी योजनाओं को किसी के साथ साझा न करें.

मीन राशि (Pisces)
शनि आपकी अपनी राशि में विराजमान हैं और अष्टम भाव के शुक्र के साथ षडाष्टक योग में होंगे. मानसिक उथल-पुथल या चिंता बढ़ सकती है. साझेदारी (partnership) के कामों में सावधानी बरतें. वाहन चलाते समय या कोई नया बड़ा निवेश करते समय सतर्क रहें.

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अशुभ प्रभावों से बचाव के उपाय

- प्रत्येक शुक्रवार को किसी मंदिर में सफेद वस्तु (जैसे दूध, चावल या खीर) का दान करें.

- शनिवार के दिन शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जप करें.

- इस अवधि में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचें और अपने बजट का ध्यान रखकर निर्णय लें.

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