Sawan 2026 Sanyog: इस बार सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होने वाला है. सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना गया है. इस दौरान पड़ने वाले सावन सोमवार का अपना विशेष धार्मिक महत्व होता है. हालांकि, इस वर्ष सावन माह में कई ऐसे दुर्लभ और शुभ संयोगों का निर्माण हो रहा है, जो वर्षों बाद देखने को मिल रहे हैं. इन अद्भुत योगों के कारण इस बार शिव भक्तों का उत्साह दोगुना हो गया है.
ज्योतिषियों के मुताबिक, इस दौरान सावन का तीसरा सोमवार विशेष रूप से फलदायी और महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इस दिन एक अत्यंत शुभ तिथि का महासंयोग बन रहा है. इस दिन महादेव का जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजन करने से अनंत पुण्यों की प्राप्ति होती है.
नाग पंचमी और सावन का पावन संबंध
सावन माह के मुख्य आकर्षणों में से एक नाग पंचमी का पर्व भी है, जो सीधे तौर पर भगवान शिव और उनके आभूषण नाग देवता से जुड़ा हुआ है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है और भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.
सावन के मुख्य व्रत और महासंयोग
सोमवार और प्रदोष व्रत का अद्भुत मेल यानी 10 अगस्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, 10 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार है और इसी दिन प्रदोष व्रत का महासंयोग भी बन रहा है. सोम-प्रदोष का यह दुर्लभ मेल भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जाता है.
सावन शिवरात्रि और मंगला गौरी व्रत
प्रदोष व्रत के ठीक अगले दिन मंगला गौरी व्रत और सावन शिवरात्रि का एक साथ संयोग बन रहा है. यह दिन विशेष रूप से महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, सुख और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने वाला माना गया है.
ग्रहों की शुभ स्थिति और गजकेसरी योग
सावन की शुरुआत के साथ ही ग्रहों की चाल भी बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला रही है.
मंगल का गोचर
मंगल ग्रह का मिथुन राशि में प्रवेश कई राशियों के लिए शुभ फलदायी सिद्ध होगा.
गजकेसरी योग
गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा की शुभ स्थिति से अत्यंत फलदायी 'गजकेसरी राजयोग' का निर्माण हो रहा है.
इन राशियों पर बरसेगी विशेष कृपा
ग्रहों की इस अनुकूल स्थिति से मुख्य रूप से मेष, वृषभ, मिथुन, कन्या, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों को करियर, आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन में शानदार परिणाम मिलने की संभावना है.
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