Mangal Nakshatra Parivartan 2026: ग्रहों की चाल में होने वाला बदलाव ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन का भी सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है. सितंबर की शुरुआत में मंगल नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. मंगल 2 सितंबर 2026 को गुरु के स्वामित्व वाले पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 24 सितंबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगल और गुरु की यह स्थिति कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकती है. इस दौरान करियर, कारोबार, धन और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ के योग बन सकते हैं.
मेष राशि
मंगल का नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक रूप से अच्छा समय लेकर आ सकता है. अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं. कारोबार करने वालों को विस्तार का अवसर मिल सकता है. नौकरीपेशा लोगों को भी अपने काम में सफलता मिल सकती है. परिवार की ओर से कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना है. लंबे समय से प्रयास कर रहे किसी काम में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं.
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन कई मामलों में लाभकारी रह सकता है. परिवार से जुड़ी पुरानी परेशानियों का समाधान मिलने की उम्मीद है. पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ हो सकता है. भूमि, मकान या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है. करियर में किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग भी मिल सकता है.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का नक्षत्र परिवर्तन सफलता के नए रास्ते खोल सकता है. कार्यक्षेत्र में आ रही अड़चनें कम हो सकती हैं. नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या पद मिलने के योग बन सकते हैं. अधिकारियों की ओर से आपके काम की सराहना हो सकती है. आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है.
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए यह समय नई शुरुआत के लिहाज से शुभ रह सकता है. किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने की संभावना है. जीवनसाथी और परिवार का सहयोग मिलेगा. धन से जुड़े मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है. निवेश के नए अवसर सामने आ सकते हैं. वहीं, लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने से राहत मिल सकती है.
मीन राशि
मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश मीन राशि के जातकों के लिए भी सकारात्मक परिणाम दे सकता है. कारोबार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं. कामकाज में आ रही रुकावटें दूर होने से मानसिक तनाव कम होगा. नौकरी और रोजगार से जुड़े मामलों में तरक्की के योग बन सकते हैं. इस दौरान किसी खास व्यक्ति से मुलाकात भी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
मंगल का नक्षत्र परिवर्तन क्यों है खास?
ज्योतिष शास्त्र में मंगल को साहस, ऊर्जा, भूमि, संपत्ति और पराक्रम का कारक माना जाता है, जबकि पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं. इसलिए मंगल के पुनर्वसु नक्षत्र में आने को कुछ राशियों के लिए नई शुरुआत और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि ज्योतिषीय गणनाएं विश्वास और मान्यताओं पर आधारित हैं; किसी भी महत्वपूर्ण आर्थिक या करियर संबंधी फैसले को केवल राशिफल के आधार पर नहीं लेना चाहिए.
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