Devguru Jupiter Rise: सूर्य ग्रहण के दिन होगा गुरु उदय! 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

Devguru Jupiter Rise: देवगुरु बृहस्पति 12 अगस्त 2026 को कर्क राशि में उदित होने जा रहे हैं. जानिए सभी 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और जीवन में सुख-समृद्धि व धन लाभ पाने के लिए अचूक उपाय

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देवगुरु बृहस्पति 12 अगस्त 2026 को कर्क राशि में उदित होने जा रहे हैं (Photo: ITG) देवगुरु बृहस्पति 12 अगस्त 2026 को कर्क राशि में उदित होने जा रहे हैं (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

Jupiter Rises 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, भाग्य, संतान, और अपार धन-सम्पदा का कारक माना गया है. पंचांग के अनुसार, पिछले कुछ समय से कर्क राशि में अस्त चल रहे देवगुरु बृहस्पति 12 अगस्त 2026 को सुबह 5 बजकर 3 मिनट पर अपनी उच्च राशि कर्क में उदित होने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में गुरु का उदय होना एक बेहद महत्वपूर्ण और शक्तिशाली खगोलीय घटना मानी जाती है.जब गुरु अस्त होते हैं, तो उनके शुभ फल कमजोर पड़ जाते हैं, लेकिन उनके उदय होते ही धर्म, शिक्षा, भाग्य और आर्थिक मामलों से जुड़े सकारात्मक परिणाम फिर से मिलने लगते हैं.

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खास बात यह है कि इसी दिन यानी 12 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण और खगोलीयीय छह-ग्रहों की युति (Planetary Alignment) जैसी बड़ी घटनाएं भी एक साथ हो रही हैं, जिससे गुरु उदय का महत्व और अधिक बढ़ जाता है.आइए जानते हैं कि गुरु के उदित होने से सभी 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और किन राशियों के खुलेंगे भाग्य:

सभी 12 राशियों पर गुरु उदय का प्रभाव (Zodiac Signs Impact)
मेष राशि (Aries): गुरु के उदय होने से आपके सुख-संसाधनों में वृद्धि होगी.भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं.पारिवारिक जीवन में चल रही अनबन दूर होगी. माता का सानिध्य प्राप्त होगा.

वृषभ राशि (Taurus): इस राशि के तीसरे भाव में गुरु उदित हो रहे हैं.आपके पराक्रम और आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी.भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा. लंबे समय से अटके हुए कार्य तेजी से पूरे होंगे.व्यापार में साझेदार से भारी लाभ मिल सकता है.

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मिथुन राशि (Gemini): आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे.आर्थिक पक्ष मजबूत होगा. धन संचय करने में सफलता मिलेगी.परिवार में मांगलिक कार्य होने के योग हैं.

कर्क राशि (Cancer): आपकी ही राशि यानी लग्न भाव में गुरु उदित हो रहे हैं.छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय स्वर्णकाल जैसा रहेगा.नई नौकरी के प्रस्ताव या प्रमोशन के प्रबल योग हैं.मान-सम्मान में वृद्धि होगी.

सिंह राशि (Leo): खर्चों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन विदेश यात्रा या दूरस्थान से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी.आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. मानसिक शांति का अनुभव होगा.

कन्या राशि (Virgo): आय के नए स्रोत बनेंगे.आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. मित्रों के सहयोग से रुका हुआ धन वापस मिलेगा.निवेश के लिए यह समय बहुत अनुकूल है.

तुला राशि (Libra): करियर और व्यापार में बड़े बदलाव और तरक्की के संकेत मिल रहे हैं.कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी. वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा.

वृश्चिक राशि (Scorpio): भाग्य का पूरा साथ मिलेगा.धर्म-कर्म के कार्यों में मन लगेगा.उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.लंबी यात्रा के योग हैं.

धनु राशि (Sagittarius): सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है.हालांकि, अचानक धन लाभ होने के योग बन रहे हैं.अनुसंधान या गुप्त विद्याओं से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है.

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मकर राशि (Capricorn): इस राशि के सप्तम भाव में गुरु उदित होकर दांपत्य जीवन में मधुरता लाएंगे.वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होंगी.पार्टनरशिप बिजनेस में तगड़ा मुनाफा हो सकता है.समाज में आपका मान-प्रतिष्ठा तेजी से बढ़ेगी.

कुंभ राशि (Aquarius): शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी.पुराने कर्ज और कानूनी मामलों से राहत मिल सकती है.रुके हुए काम गति पकड़ेंगे और सेहत में सुधार होगा.

मीन राशि (Pisces): संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलेगा.प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी.रचनात्मक कार्यों और कला से जुड़े लोगों के लिए यह समय बेहद फायदेमंद साबित होगा.

गुरु को मजबूत करने और शुभ फल पाने के अचूक उपाय
गुरुवार का व्रत: प्रत्येक गुरुवार को व्रत रखें.पीले रंग के वस्त्र धारण करें.

केले के पेड़ की पूजा: गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करें. जल में हल्दी व चना दाल मिलाकर अर्पित करें.

दान करें: इस दिन चने की दाल, बेसन के लड्डू, पीला वस्त्र या धार्मिक पुस्तकों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है.

विष्णु सहस्रनाम का पाठ: नियमित रूप से भगवान विष्णु की आराधना करें, 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें.

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