Dhirendra Shastri: 'राम-कृष्ण में भेद करने वाला महापापी' धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर भड़के संत

धीरेंद्र शास्त्री ने एक कथा के दौरान कहा था कि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े हैं और बंसी बजाना कोई मुश्किल काम नहीं है. लेकिन धनुष चलाना बड़ा काम है. उनका यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों ने बड़ी नाराजगी जाहिर की है.

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धीरेंद्र शास्त्री ने एक कथा के दौरान कहा था कि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े हैं और बंसी बजाना कोई मुश्किल काम नहीं है. (Photo: ITG) धीरेंद्र शास्त्री ने एक कथा के दौरान कहा था कि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े हैं और बंसी बजाना कोई मुश्किल काम नहीं है. (Photo: ITG)

मदन गोपाल शर्मा

  • मथुरा,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:07 PM IST

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना कर विवादों में आ गए हैं. उन्होंने राम को सीधा और श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था. धीरेंद्र शास्त्री ने एक कथा के दौरान कहा था कि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े हैं और बंसी बजाना कोई मुश्किल काम नहीं है. लेकिन धनुष चलाना बड़ा काम है. उनका यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों ने बड़ी नाराजगी जाहिर की है. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की इस टिप्पणी को लेकर साधु-संतों की प्रतिक्रिया भी आने लगी है. आइए जानते हैं कि संत समाज धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान पर क्या कह रहा है.

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धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा राम और कृष्ण में भेद करना सनातन परंपरा के विरुद्ध है. भगवान एक ही हैं. बस लीला के अनुसार रूप बदलते हैं. व्यास पीठ से ऐसी तुलना करने से भक्तों में भ्रम फैलता है. उन्होंने कहा वृंदावन संत समाज इस बयान से आहत है धीरेंद्र शास्त्री को अपने शब्दों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए. उन्हें सनातन धर्म को बांटने वाला बयान नहीं देना चाहिए. हम सभी संत एक हैं और ईश्वर भी एक ही है.

महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कहा कि राम और कृष्ण में मेरा-तुम्हारा कहना गलत है. ईश्वर एक है. वही ब्रह्म, वही परमात्मा, वही भगवान है. भागवत के भ्रमर गीत में गोपियां कहती हैं कि यही कृष्ण त्रेता में राम थे, जिन्होंने छिपकर बालि का वध किया था. वही आज कृष्ण हैं. नारायण के नख से गंगा निकली, जिससे संसार पाप मुक्त होता है. उसी के चरण रज से पाषाण अहिल्या मुक्त हुई थी. जो राम, शिव और कृष्ण में भेद करता है वो महापातकी (महापापी) होता है. भक्तों को राम भक्त और कृष्ण भक्त में नहीं बांटना चाहिए.

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'राम-कृष्ण में भेद करने से सनातन एकता खतरे में पड़ेगी'
साध्वी कृष्ण प्रिया ने भी धीरेंद्र शास्त्री के बयान की निंदा की है. उन्होंने कहा ईश्वर एक है. राम और कृष्ण भी एक ही हैं. उनमें कोई भेद नहीं है. गोपियों ने गाली दी तो वो प्रेम की पराकाष्ठा थी, भेद नहीं था. राम-कृष्ण में भेद करने से सनातन की एकता खतरे में पड़ेगी.  विधर्मियों को सनातन धर्म का उपहास उड़ाने का मौका मिलेगा. व्यास पीठ की मर्यादा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए. कृष्ण सुदर्शन चक्र भी चलाते हैं, धनुष भी और बंसी भी बजाते हैं. भरी सभा में द्रौपदी की लाज भी बचाते हैं. ये आम इंसान नहीं कर सकता.

वहीं,  आध्यात्मिक गुरु आचार्य बद्रीश महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, कृष्ण लीला पुरुषोत्तम हैं. कृष्ण का स्वरूप बचपन से ही टेढ़ा है. इसलिए बांके बिहारी कहलाए. उनका मुकुट टेढ़ा, मुरली टेढ़ी, चितवन टेढ़ी है. राम का नाम सीधा सरल है, कृष्ण का नाम लेने में भी भाव लगता है. बंसी जैसे मन रूपी मछली को खींच लेती है. वैसे ही कृष्ण मन को हरते हैं. शास्त्री जी ने रसिक भाव और विनोद में ये बात कही है. इसमें कोई विवाद नहीं है, इसमें भारी रस और आनंद है.

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