भारत या विदेश, दिपके को कहां मिलेगी कामयाबी? कुंडली में शनि-केतु दे रहे ये संकेत

सोशल मीडिया पर अभिजीत दिपके के जन्म विवरण के आधार पर उनकी कुंडली का अध्ययन किया जाए तो वह अपने जन्मस्थान पर अपना करियर सेट नहीं कर पाएंगे. कन्या का बुध उन्हें तार्किक तो बनाता है, लेकिन लग्नेश का द्वादश भाव में होकर राहु के साथ होना और भाग्येश का नीच होकर लग्न में बैठना शुभ संकेत नहीं दे रहा है.

Advertisement
वर्तमान में अभिजित दिपके की कुंडली में केतु की दशा में शनि की अन्तर्दशा चल रही है. वर्तमान में अभिजित दिपके की कुंडली में केतु की दशा में शनि की अन्तर्दशा चल रही है.

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:03 PM IST

भारतीय राजनीति में मची उथल-पुथल और विरोध प्रदर्शनों के बीच अभिजीत दिपके का नाम इन दिनों बड़ा सुर्खियों में है. पेपर लीक विवाद से लेकर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने जैसे गंभीर मुद्दों पर उन्होंने आवाज उठाई. इस सियासी घमासान के बीच 16 अक्टूबर को तिरंगा मार्च से पहले दिपके को हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि शनिवार दोपहर उन्हें शर्तों के साथ जमानत दे दी गई. यानी उनकी मुश्किलें कम जरूर हुई हैं लेकिन खत्म नहीं हुई हैं. भारत में दिपके को अभी कितना संघर्ष करना होगा और आगे चलकर उन्हें यहां कितनी सफलता मिल सकती है, ज्योतिषविद ने उनकी कुंडली देखकर इसकी जानकारी दी है.

Advertisement

अभिजित दिपके का जन्म विवरण
तिथिः 29 सितम्बर 1995
समयः सुबह 10.53 बजे
स्थानः औरंगाबाद (महाराष्ट्र)

सोशल मीडिया पर अभिजित दिपके के जन्म विवरण के आधार पर उनकी कुंडली का अध्ययन किया जाए तो वह अपने जन्मस्थान पर अपना करियर सेट नहीं कर पाएंगे. विदेश में ही भाग्य आजमाना ज्यादा बेहतर होगा. इसकी वजह लग्न कुण्डली के लग्नेश बाहरवें यानी विदेश के भाव में और कर्मेश के साथ द्वादश भाव के स्वामी का एकादश भाव में होना दर्शाता है कि वह  काम तो समाज से जुड़ा ही करेंगे. लेकिन सफलता के लिए विदेशी सरजमीं उनके लिए लिए ज्यादा उपयुक्त होगी.

कुंडली के मुताबिक, कन्या का बुध उन्हें तार्किक तो बनाता है, लेकिन लग्नेश का द्वादश भाव में होकर राहु के साथ होना और भाग्येश का नीच होकर लग्न में बैठना शुभ संकेत नहीं दे रहा है.

Advertisement

क्या कह रही शनि-केतु की चाल?
वर्तमान में अभिजित दिपके की कुंडली में केतु की दशा में शनि की अन्तर्दशा चल रही है. छठे भाव में बैठे केतु की पंचम और चौथे भाव में बैठे शनि की सप्तम दृष्टि सीधे दशम यानी कर्म भाव को प्रभावित कर रही है. 27 अक्टूबर से 24 दिसंबर 2026 तक दिपके के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला समय हो सकता है. इस समय यदि दिपके विदेश में होते हैं तो शायद बेहतर होगा. अन्यथा कोर्ट कचहरी या जेल के चक्कर लगाने वाला समय साबित हो सकता है.

ज्योतिष गणना के अनुसार, 2 अक्टूबर 2027 से केतु की दशा में बुध की अन्तर्दशा शुरू हो जाएगी, जो परेशानियों को गम्भीर रूप से बढ़ा सकती है. जून 2027 में शनि का राशि परिवर्तन दिपके के करियर में ब्रेक लगाएगा और उनकी मुश्किल बढ़ाने का काम करेगा.

बदनामी से बचने के लिए करें ये उपाय
अभिजित दिपके की जन्म तिथि 29 सितंबर 1995 सही है तो उन्हें अपने घर की दक्षिण दिशा के वास्तु दोष को दूर करने के बारे में सोचना चाहिए. दिपके का जन्मांक बता रहा है कि उनके घर की दक्षिण दिशा में अवश्य ही कोई न कोई वास्तु दोष होगा. वह वास्तु दोष दक्षिण दिशा में टॉयलेट, नीला या काला रंग के रूप की मौजूदगी में हो सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »