राजस्थान में थम नहीं रहा फर्जीवाड़ा, दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा 'मुन्ना भाई' गिरफ्तार

राजस्थान के अलवर में पुलिस ने एक ऐसे मुन्ना भाई को सीईटी एग्जाम सेेंटर से गिरफ्तार किया है जो दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा था. हस्ताक्षर में गड़बड़ी के बाद टीचर को शक हुआ जिसके बाद तस्वीर मिलाई गई तो इस मुन्ना भाई की पोल खुल गई. एसपी सरिता सिंह खुद इस मामले की जांच कर रही है.

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पुलिस के हत्थे चढ़ा मुन्ना भाई पुलिस के हत्थे चढ़ा मुन्ना भाई

संतोष शर्मा

  • अलवर,
  • 08 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:40 PM IST

राजस्थान के अलवर में पुलिस ने एक ऐसे मुन्ना भाई को पकड़ा है जो दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा था. कोतवाली थाने की पुलिस ने समान पात्रता परीक्षा में एक डमी कैंडिडेट को परीक्षा के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस आरोपी श्रीराम विश्नोई को गिरफ्तार कर थाने लाई जहां आरोपी से पूछताछ की जा रही है. जानकारी के अनुसार अलवर के राजकीय गौरी देवी महिला महाविद्यालय में समान पात्रता परीक्षा (CET)की पहली पारी के दौरान अभ्यर्थी अवरेंद्र सिंह खटाना की जगह बाड़मेर निवासी राम विश्नोई परीक्षा दे रहा था.

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पंजीकृत अभ्यर्थी अमरेंद्र सिंह खटाना दौसा का निवासी है जबकि डमी कैंडिडेट विश्नोई बाड़मेर का निवासी है. पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. इस पूरे मामले की जांच एडिशनल एसपी (मुख्यालय) सरिता सिंह कर रही है.

यह मुन्ना भाई उस वक्त पकड़ा गया जब वीक्षक को परीक्षार्थी के हस्ताक्षर पर शक होने के बाद उसके फोटो का मिलान किया गया. उन्हें फोटो के मिलान पर अलग अभ्यर्थी दिखाई दिया. इसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया और आरोपी मुन्ना भाई को पकड़कर कोतवाली थाने लाया गया.

कोतवाल राजेश शर्मा ने बताया कि परीक्षा में डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा दे रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी से पूछताछ की जा रही है जबकि दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है. इसकी जांच एसपी सरिता सिंह कर रही है.

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बता दें कि इससे पहले राजस्थान में सेकेंड ग्रेड टीचर परीक्षा का पेपर लीक हो गया था जिसके बाद राज्य में खूब बवाल हुआ था. इसके बाद पुलिस ने पेपर लीक के  मुख्य आरोपी सुरेश ढाका को गिरफ्तार किया था. 

प्रशासन ने आरोपी के कोचिंग सेंटर पर बुलडोजर चलाने का फैसला किया है. शुक्रवार को अधिगम कोचिंग इंस्टीट्यूट पर जेडीए अधिकारियों की टीम पहुंची और बिल्डिंग की नाप-जोख की. इसमें अफसरों को गड़बड़ी नजर आई. अब जेडीए ने अतिक्रमण को ध्वस्त करने का फैसला किया है.


 

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