360 डिग्री घूमेगा 105 फीट का रावण... तलवार चलाने के साथ मूंछें हिलाएगा और आंखें भी झपकाएगा

कोटा में दशहरे पर 105 फीट से ऊंचा रावण का पुतला आकर्षण का केंद्र बनेगा. रावण 360 डिग्री गर्दन घुमाने के साथ तलवार चलाएगा, मूंछें हिलाएगा और आंखें झपकाएगा. जानिए रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों की खासियत...

Advertisement
पुतलों के निर्माण का काम जारी है.(Photo:ITG) पुतलों के निर्माण का काम जारी है.(Photo:ITG)

चेतन गुर्जर

  • कोटा,
  • 09 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

कोटा में इस बार विजयादशमी यानी दशहरा बेहद खास और रोमांचक होने जा रहा है. दशहरे पर यहां 105 फीट से ज्यादा ऊंचा रावण का पुतला आकर्षण का केंद्र रहेगा. खास बात यह होगी कि यह रावण सिर्फ खड़ा नहीं रहेगा, बल्कि 360 डिग्री पर अपनी गर्दन घुमाता नजर आएगा. इसके साथ ही रावण हाथ में तलवार चलाएगा, मूंछें हिलाएगा और आंखें भी झपकाएगा.

Advertisement

हालांकि इस बार रावण के पुतले का आकार पिछले साल की तुलना में कुछ कम रखा गया है, लेकिन तकनीक और बनावट के लिहाज से इसे बेहद खास तैयार किया जा रहा है. रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले करीब 70-70 फीट ऊंचे होंगे. तीनों पुतलों के निर्माण का काम बड़े स्तर पर चल रहा है.

इन विशाल पुतलों को तैयार करने के लिए दिल्ली-एनसीआर से खास तौर पर कारीगर कोटा पहुंचे हैं. गाजियाबाद निवासी आमिर खान इस भव्य रावण का निर्माण कर रहे हैं. आमिर ने बताया कि पुतले बनाने का काम उनके परिवार में दादा-परदादा के समय से चला आ रहा है. वे साल 2019 से लगातार कोटा में रावण का पुतला बनाते आ रहे हैं.

पुतलों के निर्माण में करीब 5 टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा लगभग 500 बांस की खपच्चियों और ढांचे की मदद से पुतलों को आकार दिया जा रहा है. इनके बाहरी हिस्से के लिए करीब 1500 मीटर वेलवेट कपड़ा लगाया जा रहा है. वहीं 300 किलो सुतली और करीब 2 क्विंटल मजबूत रस्सी का इस्तेमाल किया गया है.

Advertisement

पुतलों को मौसम से बचाने के लिए वॉटरप्रूफ इम्पोर्टेड कागज लगाया जा रहा है. कागज को चिपकाने के लिए मैदा से तैयार की गई करीब 1 से 2 क्विंटल गोंद यानी लेई का इस्तेमाल किया जा रहा है. रावण के भीतर विशेष प्रकार की आतिशबाजी भी सेट की जा रही है, जिससे दहन के दौरान अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेंगे. देखें VIDEO:- 

आमिर खान के मुताबिक पिछले साल विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना के चलते रावण निर्माण के काम में गैप आया था. इस बार पूरी तैयारी के साथ रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार किए जा रहे हैं. कारीगरों के अनुसार 10 से 11 अक्टूबर तक रावण का पुतला पूरी तरह तैयार हो जाएगा. इसके बाद दशहरे के दिन इसके भव्य दहन की तैयारी होगी. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »