जयपुर में मंदिर में चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो चर्चा में हैं. पुलिस दोनों आरोपियों को नंगे पांव पैदल बांडी नदी बालाजी मंदिर लेकर पहुंची. मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद राहुल और मनीष वर्मा ने भगवान हनुमान के सामने हाथ जोड़कर अपने किए की माफी मांगी.
इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. आरोपियों को पैदल ले जाते समय लोगों ने पुलिस प्रशासन के समर्थन में नारे लगाए. कई लोगों ने पुलिसकर्मियों को माला पहनाकर सम्मानित किया और चोरी का खुलासा करने पर उनका आभार जताया.
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दरअसल, मामला 6 अगस्त का बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, रात के समय चोर बांडी नदी बालाजी मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे थे. इसके बाद मंदिर से चांदी के छत्र, मुकुट और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए. चोरी की पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी.
दिन में दर्शन, रात में मंदिर को बनाते थे निशाना
CCTV फुटेज और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस ने राहुल और मनीष वर्मा को गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर चोरी करने के तरीके के बारे में जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, दोनों दिन के समय अलग-अलग मंदिरों में दर्शन करने के बहाने जाते थे और इसी दौरान वहां की सुरक्षा व्यवस्था तथा आने-जाने के रास्तों की रेकी करते थे.
रात होने पर वे दोबारा उसी मंदिर को निशाना बनाते थे. आरोप है कि मौका मिलते ही ताला तोड़कर अंदर दाखिल होते और भगवान के आभूषण तथा दूसरे कीमती सामान चोरी कर लेते थे. पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि चोरी से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल नशे और अपने शौक पूरे करने के लिए किया जाता था.
इस मामले में पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने के आरोप में अकबर नाम के व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने पहले कितने मंदिरों की रेकी की और किन-किन जगहों पर वारदात को अंजाम दिया.
चोरी के बाद पुलिस ने मंदिर में मंगवाई माफी
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें थाने से बांडी नदी बालाजी मंदिर तक नंगे पांव पैदल लेकर गई. मंदिर पहुंचने पर दोनों ने भगवान के सामने हाथ जोड़कर अपने किए पर माफी मांगी. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ ने पूरे घटनाक्रम को देखा.
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन जिंदाबाद के नारे लगाए. कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों का माला पहनाकर स्वागत भी किया. मंदिर में चोरी की घटना का खुलासा होने के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति संतोष नजर आया.
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर चोरी के नेटवर्क और पहले की वारदातों से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं. पुलिस को आशंका है कि दोनों पहले भी मंदिरों समेत अन्य स्थानों पर चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हो सकते हैं.
नशे और शौक के लिए करते थे चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें नशे और अपने शौक पूरे करने के लिए पैसों की जरूरत रहती थी. इसी वजह से उन्होंने मंदिरों को निशाना बनाना शुरू किया. दिन में श्रद्धालु बनकर रेकी करने के बाद रात में चोरी करना उनकी कथित रणनीति थी.
बांडी नदी बालाजी मंदिर की घटना में चांदी के छत्र, मुकुट समेत अन्य सामान चोरी किया गया था. पुलिस अब बरामदगी और सामान की बिक्री से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है. अकबर की भूमिका को लेकर भी पूछताछ जारी है.
फिलहाल राहुल, मनीष वर्मा और चोरी का सामान खरीदने के आरोपी अकबर पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने जयपुर और आसपास के इलाकों में कितनी वारदातें की हैं. मंदिर में दिन के समय की गई रेकी और रात में चोरी के इस तरीके ने पुलिस की जांच को एक नई दिशा दी है.
विशाल शर्मा