राजस्थान के झुंझुनू जिले की पर्यटन नगरी मंडावा में विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. यहां जर्मनी से आए एक पर्यटक का मोबाइल फोन एक युवक छीनकर फरार होने लगा. पर्यटक ने हिम्मत दिखाते हुए उसका पीछा किया. शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग भी आरोपी के पीछे दौड़े और उसे पकड़ लिया. इसके बाद मोबाइल वापस लेकर पर्यटक को सौंप दिया गया. पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई.
जानकारी के मुताबिक, जर्मनी के करीब 20 सदस्यों का एक पर्यटक दल मंडावा घूमने आया हुआ था. सभी लोग यहां की ऐतिहासिक हवेलियां और दूसरे पर्यटन स्थल देखने पहुंचे थे. इसी दौरान एक युवक ने दल में शामिल जर्मन पर्यटक के हाथ से मोबाइल छीन लिया और भागने लगा. अचानक हुई इस घटना से विदेशी मेहमान घबरा गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी के पीछे दौड़ पड़ा.
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पर्यटक को पीछा करते देख आसपास मौजूद लोगों ने भी मदद की और युवक को पकड़ लिया. इसके बाद छीना गया मोबाइल बरामद कर जर्मन पर्यटक को लौटा दिया गया. फोन वापस मिलने पर विदेशी मेहमान ने राहत की सांस ली. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
CCTV में कैद हुई मोबाइल छीनकर भागने की वारदात
मोबाइल छीनने और युवक के भागने की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई. फुटेज में युवक पर्यटक का फोन छीनकर भागता दिखाई दे रहा है. वहीं, घटना के बाद पर्यटक और स्थानीय लोगों के पीछा करने की जानकारी भी सामने आई है.
मंडावा अपनी ऐतिहासिक हवेलियों और पर्यटन के लिए दुनियाभर में पहचान रखता है. यहां बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी घूमने पहुंचते हैं. ऐसे में पर्यटक के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसके साथ ही विदेशी मेहमानों को परेशान करने वाले लपकों की गतिविधियां भी चर्चा में आ गई हैं.
पर्यटकों के पीछे घूमते हैं लपके, खरीदारी के लिए बनाते हैं दबाव
मंडावा में विदेशी पर्यटकों के पीछे घूमने वाले कुछ लोगों की गतिविधियां भी परेशानी का कारण बनी हुई हैं. पर्यटक जैसे ही ऐतिहासिक हवेलियों और दूसरे पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं, कुछ लोग उनके पीछे लग जाते हैं. इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके पास गाइड के तौर पर काम करने का लाइसेंस नहीं है.
ये लोग रास्ते में विदेशी मेहमानों को रोकते हैं और अपना सामान बेचने के साथ खरीदारी करने के लिए दबाव बनाते हैं. इससे पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. मोबाइल छीनने की घटना के बाद ऐसे लोगों की मनमानी पर भी सवाल उठ रहे हैं.
दो टूरिस्ट हेल्प फोर्स कर्मचारी तैनात, फिर भी नहीं लग रही लगाम
विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और उनकी सहायता के लिए सरकार की ओर से मंडावा में टूरिस्ट हेल्प फोर्स के दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसके बावजूद पर्यटकों को परेशान करने वाले लोगों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है. ऐसे में पर्यटन नगरी की छवि और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है.
टूरिस्ट हेल्प फोर्स के हरिसिंह ने बताया कि बिना लाइसेंस वाले गाइड या अन्य व्यक्ति पर्यटकों के साथ घूमते हुए मिलते हैं तो उनकी पहचान की जाती है और फोटो ली जाती है. इसके बाद संबंधित लोगों की जानकारी पुलिस थाने में भेजी जाती है, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने का अधिकार टूरिस्ट हेल्प फोर्स के पास नहीं है. उनकी भूमिका संदिग्ध लोगों की पहचान कर पुलिस को सूचना देने तक सीमित है. ऐसे में अब सवाल है कि मंडावा में विदेशी पर्यटकों को परेशान करने वाले लोगों पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी.
हिमांशु शर्मा