राजस्थान के धौलपुर जिले के सैपऊ थाना क्षेत्र के तसीमों कस्बे में 11 अगस्त को 16 वर्षीय सौरभ पुत्र भूरा कुशवाह गंभीर हालत में मिला. वह खंडहरनुमा मकान की बाउंड्रीवॉल के पास पड़ा था और उसके सिर में गोली व छर्रे लगे थे. सूचना मिलने पर सैपऊ सीओ मनोहर लाल मीणा और थाना प्रभारी प्रमेंद्र रावत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया.
परिजनों की मदद से सौरभ को जिला अस्पताल ले जाया गया. वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने आगरा रेफर कर दिया. आगरा पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद परिवार शव लेकर धौलपुर लौट आया. पुलिस ने डेडबॉडी को कब्जे में लेकर परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया.
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मृतक के पिता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था. वारदात सुनसान जगह पर हुई थी और पुलिस को कोई प्रत्यक्षदर्शी भी नहीं मिल रहा था. ऐसे में मामला ब्लाइंड मर्डर बन गया था. जांच के लिए घटनास्थल पर एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया. पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की.
साइबर सेल और मुखबिर तंत्र से खुला ब्लाइंड मर्डर
धौलपुर एसपी विकास सांगवान के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए सैपऊ सीओ मनोहर लाल मीणा और एसएचओ प्रमेंद्र रावत ने जांच तेज की. पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद लेने के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया. तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ के आधार पर पुलिस को हत्या के पीछे मृतक के ही नाबालिग दोस्त का हाथ होने का पता चला.
पुलिस जांच में सामने आया कि सौरभ का 17 वर्षीय दोस्त भी रील बनाने का शौकीन था. दोनों लंबे समय से साथ में वीडियो तैयार करते थे और उन्हें फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते थे. बेहतर कंटेंट बनाने के लिए दोनों अक्सर अलग-अलग जगहों का चयन करते थे और कई वीडियो घटनास्थल पर ही शूट करते थे.
11 अगस्त को भी दोनों घर से कुछ दूरी पर स्थित खंडहरनुमा मकान की बाउंड्रीवॉल के पास रील बनाने पहुंचे थे. पुलिस के अनुसार, सौरभ का दोस्त अपने साथ देसी तमंचा लेकर गया था. इसी दौरान दोनों के बीच रील बनाने को लेकर किसी बात पर विवाद हो गया. मामूली कहासुनी बढ़ी और नाबालिग दोस्त ने तमंचे से सौरभ पर गोली चला दी.
रील के लिए जगह चुनते थे, विवाद ने ले ली दोस्त की जान
गोली लगने के बाद सौरभ गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वारदात के बाद मामले को अज्ञात हमलावर से जोड़कर जांच शुरू की गई थी. हालांकि, पुलिस की लगातार पड़ताल, तकनीकी इनपुट और पूछताछ के बाद हत्या की कड़ी उसके करीबी दोस्त तक पहुंची.
एसपी विकास सांगवान ने बताया कि घटनास्थल सुनसान होने के कारण मामले में प्रत्यक्ष गवाह मिलना मुश्किल था. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाना थी. साइबर सेल और पुख्ता मुखबिर तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाया गया और पुलिस ने वारदात में शामिल नाबालिग को निरुद्ध कर लिया.
पुलिस के मुताबिक, मृतक और आरोपी एक ही परिवार तथा खानदान से ताल्लुक रखते हैं. दोनों के बीच खून का रिश्ता भी बताया जा रहा है और वे आपस में गहरे दोस्त थे. साथ में रील बनाने और सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने का शौक दोनों को था. लेकिन इसी शौक को लेकर हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि दोस्त ने दोस्त की जान ले ली.
रील बनाने का जुनून बना जानलेवा
इस घटना ने सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर भी सवाल खड़े किए हैं. पुलिस के अनुसार, दोनों किशोर लगातार रील बनाने के लिए नए स्थान तलाशते थे. 11 अगस्त को भी इसी सिलसिले में वे सुनसान खंडहर के पास पहुंचे थे, जहां विवाद के बाद गोली चल गई.
फिलहाल, पुलिस ने नाबालिग आरोपी को निरुद्ध कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. जांच के दौरान पुलिस वारदात में इस्तेमाल तमंचे और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और जांच से हत्या की पूरी कड़ी सामने लाई गई है.
उमेश मिश्रा