कनाडा से एक शख्स भारत घूमने आया था. शहर था जयपुर. घूमते-घूमते उसके वीजा की तारीख खत्म हो गई. इसके बाद पुलिस ने उसे डिटेन कर लिया. उसे जयपुर से अलवर के डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया. परिवार को जब इसकी खबर मिली तो उन्होंने उसे वापस कनाडा भेजने की तैयारी शुरू कर दी. टिकट बुक हुआ. लेकिन रणदीप कनाडा नहीं जा सका. एयरलाइंस ने उसे फ्लाइट में बैठाने से मना कर दिया, क्योंकि तबीयत खराब थी. इसके कुछ दिन बाद अस्पताल से खबर आई कि रणदीप की मौत हो गई है.
ये कहानी 44 साल के रणदीप सिंह की है. रणदीप सिंह कनाडा के रहने वाले थे. उनकी उम्र 44 साल थी. वो टूरिस्ट वीजा पर जयपुर घूमने आए थे. 22 जुलाई को उनका वीजा एक्सपायर हो गया. वीजा खत्म होने के बाद भी रणदीप जयपुर में रह रहे थे. इसकी जानकारी पुलिस को मिली तो जयपुर के प्रताप नगर थाना पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया.
इसके बाद रणदीप को अलवर सेंट्रल जेल परिसर में बने डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया. तारीख थी 22 अगस्त. रणदीप को भारत से कनाडा भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. रणदीप के परिजनों को उनके डिटेंशन की जानकारी दी गई. परिवार ने 21 अगस्त के लिए रणदीप का कनाडा का टिकट भी बुक करा दिया. लेकिन एयरपोर्ट पर एयरलाइंस के स्टाफ ने रणदीप को फ्लाइट में ले जाने से मना कर दिया. उनकी तबीयत खराब थी. एयरलाइंस को आशंका थी कि फ्लाइट के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ सकती है.
रणदीप को वापस डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया. परिवार ने जेल प्रशासन को उनकी बीमारी की जानकारी दी. इसके बाद उनका इलाज शुरू किया गया.
डिटेंशन सेंटर में रणदीप को डायरिया की शिकायत हुई. पहले उन्हें जेल परिसर की डिस्पेंसरी में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. लेकिन उनकी हालत गंभीर होती गई. इसके बाद उन्हें अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल रेफर किया गया. डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया. लेकिन बुधवार को रणदीप सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.
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रणदीप की मौत की सूचना पुलिस ने उनके परिवार को दी. उनकी बहन और जीजा दिल्ली में रहते हैं. वहीं कनाडा से उनकी मां और परिवार के दूसरे लोग अलवर पहुंचे. मामला विदेशी नागरिक की मौत का था, इसलिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया. मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अलवर के सामान्य अस्पताल में रणदीप के शव का पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
रणदीप के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार दिल्ली में करने की इच्छा जताई. इसके लिए एंबेसी से अनुमति ली गई. अनुमति मिलने के बाद परिजन रणदीप का शव लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए. रणदीप सिंह की मौत को लेकर पुलिस का कहना है कि उन्हें डायरिया की शिकायत हुई थी. हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
अलवर के एडिशनल एसपी डॉ. दीपक शर्मा के मुताबिक, रणदीप सिंह को 22 अगस्त को जयपुर से अलवर के डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट किया गया था. बीमारी की शिकायत के बाद उनका इलाज कराया गया और हालत गंभीर होने पर उन्हें राजीव गांधी सामान्य अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. फिलहाल रणदीप सिंह का शव उनके परिजनों के साथ दिल्ली रवाना हो चुका है.
हिमांशु शर्मा