न टीचर हैं, न स्कूल की बिल्डिंग पढ़ने लायक... अलवर में छात्रों और गांववालों ने लगाया ताला

अलवर के जोधवास में सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल पर गुरुवार सुबह छात्रों और गांववालों ने ताला लगा दिया और दिनभर शिक्षा विभाग के अफसरों से बातचीत की, क्योंकि उनका कहना है कि जर्जर इमारत, टपकती छत और कम कमरों के बीच 174 बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है. बुधवार को एक भवन का स्लैब गिरने के बाद नाराजगी और बढ़ गई, इसलिए प्रदर्शनकारी असुरक्षित घोषित दो इमारतों को तुरंत गिराने, 5 खाली वरिष्ठ अध्यापक पद भरने और उच्च माध्यमिक बनने के 4 साल बाद भी लंबित व्याख्याता पदों पर फैसला करने की मांग पर डटे रहे.

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अलवर में Gen-अल्फा ने स्कूल को लेकर प्रदर्शन किया. (Photo- ITG) अलवर में Gen-अल्फा ने स्कूल को लेकर प्रदर्शन किया. (Photo- ITG)

हिमांशु शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:03 AM IST

राजस्थान के अलवर जिले के जोधवास में सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल पर गुरुवार को छात्रों और गांववालों ने ताला लगा दिया. उनका आरोप है कि स्कूल की इमारत जर्जर है और शिक्षकों की कमी है. इसी को लेकर बीते दिन Gen-अल्फा कहे जाने वाले स्कूली छात्रों का सुबह से शाम तक विरोध चला और शिक्षा विभाग के अफसरों से कई दौर की बातचीत हुई.

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गांववालों और छात्रों का कहना है कि स्कूल में 174 छात्र हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए सिर्फ 3 कक्षाएं उपलब्ध हैं. बारिश के दौरान कमरों की छत से पानी टपकता है. उनका कहना है कि ऐसे हालात में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ रहा है. इसी वजह से उन्होंने स्कूल पर ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया.

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जर्जर इतना कि टूटकर गिर रहा स्कूल के छत का स्लैब

गांववालों के मुताबिक, बुधवार को स्कूल की एक इमारत की छत का स्लैब गिर गया था. उस समय वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था, इसलिए कोई घायल नहीं हुआ. उनका कहना है कि स्कूल की 2 इमारतों को पहले ही असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, लेकिन अब तक उन्हें गिराया नहीं गया है. इसी घटना के बाद छात्रों और गांववालों में नाराजगी बढ़ गई.

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ग्रामीणों ने यह भी कहा कि स्कूल में 6 स्वीकृत वरिष्ठ अध्यापक पद हैं, जिनमें से 5 खाली हैं. उनके मुताबिक, स्कूल को उच्च माध्यमिक स्तर पर किए हुए 4 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी लेक्चरर की नियुक्ति नहीं हुई है. गुरुवार को विरोध सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलता रहा.

स्कूल में 7 शिक्षकों की अस्थायी तैनाती की गई

सूचना मिलने पर अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गौरव अडानिया और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शकुंतला यादव स्कूल पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन छात्र और गांववाले अपनी मांगों पर अड़े रहे. बाद में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेश गुप्ता और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी गजराज भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की.

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महेश गुप्ता ने कहा कि कमी को देखते हुए स्कूल में 7 शिक्षकों की अस्थायी तैनाती की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल भवन से जुड़ा प्रस्ताव समग्र शिक्षा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक को भेज दिया गया है. इसके बावजूद छात्र और गांववाले जर्जर भवन को तुरंत गिराने और खाली शिक्षक पद भरने की मांग पर कायम हैं.

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