नितिन नवीन ने यूपी चुनाव जीतने के लिए जो एजेंडा तय किया, वो कितना कारगर?

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ दौरे में एक साथ यूपी चुनाव से जुड़े सभी मसलों पर तस्वीर करीब करीब साफ कर दी है. मसलन, बीजेपी कैसे चुनावों में विपक्ष के खिलाफ आक्रामक रहने वाली है? चुनाव में एजेंडा क्या होगा? और, संगठन या सरकार में कोई भी खुद को लेकर किसी तरह के मुगालते में न रहे.

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बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्रियों ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के साथ. (Photo: PTI) बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्रियों ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के साथ. (Photo: PTI)

मृगांक शेखर

  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

नितिन नवीन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने लखनऊ दौरे पर थे. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन का यह दौरा ऐसे वक्त हुआ है, जब राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का विवाद यूपी की राजनीति में छाया हुआ है. उत्तर प्रदेश के साथ साथ केंद्र की सत्ता में होने के कारण बीजेपी विपक्ष के निशाने पर है. जब बीजेपी अयोध्या में राम मंदिर बनवाने का श्रेय लेती है, तो ऐसे विवादों का सामना करने की मजबूरी भी स्वाभाविक ही है.

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बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ में विपक्ष पर तीखे हमले किए. अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं का नाम लेकर टार्गेट किया, और बीजेपी के पहले की सरकारों की तुलना करते हुए डबल इंजन वाले मोदी-योगी शासन की उपलब्धियां गिनाईं - और बीजेपी कार्यकर्ताओं से बूथ जीतने पर फोकस करने को कहा. 

नितिन नवीन के दौरे में सबसे बड़ी बात है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी को साथ बैठकर खाते पीते दिखाना. योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को एक साथ देखने का दुर्लभ मौका नितिन नवीन ने ही मुहैया कराया है - और लगे हाथ यह भी साफ कर दिया कि कोई खुद को संगठन से बड़ा समझने की कोशिश कतई न करे. 

बीजेपी अध्यक्ष का विपक्षी नेताओं पर हमला

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ में अखिलेश यादव का नाम लेकर कठघरे में खड़ा करने की कोशिश तो की ही, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. अखिलेश यादव और राहुल गांधी तो यूपी के चुनावी गठबंधन के लिए निशाना बने, लेकिन अरविंद केजरीवाल लगता है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछने को लेकर टार्गेट पर आ गए. अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह से पूछा था वो अब तक राम मंदिर में दर्शन करने अयोध्या क्यों नहीं पहुंचे? अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में अयोध्या का दौरा किया था. 

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लखनऊ दौरे में नितिन नवीन ने कहा कि हिंदू विरोधी ताकतों ने हमेशा हिंदू धर्म, हिंदू देवी-देवताओं और देश की आस्था का अपमान किया है. बोले, अगर राहुल गांधी, अखिलेश यादव या अरविंद केजरीवाल जैसे नेता आज राजनीति के लिए हिंदू आस्था का सहारा लेना चाहते हैं, तो वे यह न समझें कि हिंदू समाज उनके झांसे में आ जाएगा. 

नितिन नवीन ने विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर पूछा, जब-जब हिंदू देवी-देवताओं का अपमान हुआ, तब ये लोग मौन रहे. तमिलनाडु में हिंदू पूजा पद्धति पर सवाल उठे, बिहार में रामचरितमानस का अपमान हुआ और हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाई गई, तब भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने चुप्पी साधे रखी. कारसेवा आंदोलन के दौरान मेरे पिता भी पटना से कारसेवक के रूप में अयोध्या गए थे, और दो महीने तक जेल में रहना पड़ा था... भारतीय जनता पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं ने अपनी आस्था के लिए संघर्ष और बलिदान दिया है. विपक्ष की विरासत हिंदुओं पर गोलियां चलाने की रही है.

साथ ही, सोशल साइट X पर नितिन नवीन ने लिखा, आज मैं राहुल गांधी, अखिलेश यादव और केजरीवाल से कहना चाहता हूं कि हिंदू धर्म को इतना कमजोर मत समझिएगा कि लोग आपके झांसे में आ जाएंगे. क्योंकि जब आपके लोग हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते  हैं, तो आप लोग मौन रहते हैं. सनातन का अपमान यूपी और देश की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी.

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आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने नितिन नवीन के बयान को रीपोस्ट करते हुए X पर ही पूछा - आप कौन हैं?

तब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोर्चा संभाला. अरविंद केजरीवाल के सवाल को रीपोस्ट करते हुए X पर लिखा, कभी ममता जी ने भी पूछा था, कौन अमित शाह? समय हर प्रश्न का उत्तर देता है. अहंकार तो रावण का भी नहीं टिका, आप कौन?

क्या होगी यूपी चुनाव में बीजेपी की रणनीति 

लखनऊ में 'शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन' में नितिन नवीन के भाषण से मालूम होता है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बावजूद बीजेपी बचाव की मुद्रा में आने के बजाय अपना चुनाव कैंपेन आक्रामक रखने वाली है. नितिन नवीन के भाषण से कुछ और बातें भी साफ हो जाती हैं. बीजेपी हिंदुत्व के एजेंडे साथ साथ केंद्र और यूपी की बीजेपी सरकार की उपलब्धियों को आगे करके लड़ेगी - और विपक्ष उसी तरह निशाने पर होगा, जैसे हर बार बिहार चुनाव में 'जंगलराज' का जिक्र सुनने को मिलता रहा है. 

1. नितिन नवीन ने कहा, अयोध्या में राम मंदिर को लेकर कुछ लोग आज भी प्रश्न उठाते हैं, जबकि यही वे लोग हैं जिन्होंने कभी प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाया था, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर उन्हें काल्पनिक बताया था और रामसेतु के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे. यही वे लोग हैं जिन्होंने अयोध्या में कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं. ऐसे लोग आज आस्था की बात करते हैं. कोई भी प्रभु श्रीराम मंदिर की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता और आवश्यकता पड़ने पर भारतीय जनता पार्टी हर स्तर पर कार्रवाई भी करेगी तथा आवश्यक सुधार भी सुनिश्चित करेगी.

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2. समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार का जिक्र करते हुए नितिन नवीन ने कहा, 2017 से पहले प्रदेश ने भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण, परिवारवाद और क्षेत्रीय दबंगों का राज देखा था.  उस वक्त हर जिले में अलग-अलग दादा, गुंडे और माफिया का प्रभाव था, जबकि लखनऊ में बैठी सरकार अलग ढंग से चलती थी... भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने गुंडाराज और माफियाराज को केवल जिलों से ही नहीं, बल्कि गांवों और कस्बों से भी खत्म किया है.

3. नितिन नवीन ने कहा, भारतीय जनता पार्टी ऐसा संगठन है जहां बूथ और शक्ति केंद्र पर कार्य करने वाला कार्यकर्ता भी प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक का अवसर प्राप्त कर सकता है... विपक्षी दलों में केवल परिवार विशेष में जन्म लेने वाला व्यक्ति ही शीर्ष पद तक पहुंच सकता है

4. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी की राजनीति को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लेकर मैदान में उतरेगा. इस बार साइकिल पंक्चर नहीं, खराब ही हो जाएगी.

5. बोले, उत्तर प्रदेश से जो जनादेश निकलेगा, वह केवल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की हैट्रिक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2029 में दिल्ली में भी भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की सरकार बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा... सभी कार्यकर्ताओं को पूरे समर्पण के साथ बूथ जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है... विपक्ष चाहे कितना भी एकजुट हो जाए, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को डरने की आवश्यकता नहीं है... भारतीय जनता पार्टी 'नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट और सेल्फ लास्ट' के सिद्धांत पर कार्य करती है.

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बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन का आरोप है कि आने वाले समय में विपक्षी दल समाज को बांटने का प्रयास करेंगे... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का समय है और अब देश तथा समाज को कोई बांट नहीं सकता... उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश और भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प शक्ति केंद्र का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरा करेगा. अगर विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना साकार करना है, तो भारतीय जनता पार्टी को लगातार प्रचंड बहुमत से विजयी बनाना होगा.

'हम साथ साथ हैं' का संदेश देने की कोशिश

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद यूपी बीजेपी में कदम कदम पर गुटबाजी देखने को मिल रही थी. जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होते थे,  वहां दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक नहीं होते थे. अगर किसी कार्यक्रम में तीनों को शामिल होना होता, तो अलग अलग समय पर पहुंचते और निकल जाते. ऐसा अक्सर ही देखने को मिल रहा था. यह भी देखा गया कि जब 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनावों के लिए योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों की कोर टीम बनाई, तो उसमें दोनों में से किसी भी डिप्टी सीएम को जगह नहीं मिली थी. 

लेकिन, नितिन नवीन के दो दिन के दौरे में योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक कभी साथ में नाश्ता करते, तो कभी डिनर करते, और कभी आम खाते नजर आए. बीजेपी की समन्वय बैठक में भी नितिन नवीन ने साफ तौर पर बोल दिया कि आपसी मतभेदों के लिए संगठन में कोई जगह नहीं है. संगठन और सरकार को एक पेज पर आना होगा. 

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नितिन नवीन ने यह भी साफ कर दिया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को लेकर अब कोई संशय नहीं है. और, 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सभी नेताओं को पार्टी की तय लाइन पर ही चलना होगा.

कोई मुगालते में न रहे, लिहाजा नितिन नवीन ने अपनी तरफ से यह भी साफ कर दिया कि कोई खुद को संगठन से बड़ा न समझे, न ही कोई यह सोचे कि संगठन और सरकार में रहते हुए माहौल खराब कर अपनी बात मनवा लेंगे.

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