ओडिशा: शराब के नशे में हेडमास्टर ने स्कूल का गेट किया लॉक, अंदर फंसे रहे 35 बच्चे

ओडिशा के केंद्रापड़ा में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर ड्यूटी के दौरान शराब पीने और बच्चों को स्कूल के अंदर बंद करने का आरोप लगा है. करीब 35 छात्र घंटों गेट के भीतर फंसे रहे. स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को बाहर निकाला. विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया.

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लोगों ने बचाया.(Photo: ITG) लोगों ने बचाया.(Photo: ITG)

aajtak.in

  • केंद्रपाड़ा,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:28 PM IST

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर की लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि ड्यूटी के दौरान शराब पीने के बाद हेडमास्टर ने स्कूल का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और वहीं सो गया. उस समय स्कूल के भीतर कक्षा 1 से 5 तक के करीब 35 बच्चे मौजूद थे.

दरअसल, यह घटना डेराबिश ब्लॉक के कुरुजंगा ग्राम पंचायत स्थित अंबुरा गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल की है. आरोपी हेडमास्टर की पहचान सुनाकर नायक के रूप में हुई है. बताया गया कि मंगलवार को स्कूल में दूसरे शिक्षक के छुट्टी पर होने की वजह से नायक ही मौजूद था. इसी दौरान उसने कथित तौर पर शराब का सेवन किया और बच्चों को स्कूल के अंदर ही बंद कर दिया.

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मुख्य गेट पर ताला लगा देखकर बच्चे घबरा गए. उन्होंने मदद के लिए शोर मचाना शुरू किया. बच्चों की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे. स्थानीय लोगों ने किसी तरह गेट का ताला खोला और सभी बच्चों को बाहर निकाला. इस घटना से बच्चों और उनके अभिभावकों में काफी नाराजगी देखने को मिली.

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

मामले की तस्वीरें और घटना से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया. उन्होंने हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. लोगों का कहना था कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिस शिक्षक पर है, उसी की ओर से ऐसी गंभीर लापरवाही बेहद चिंताजनक है.

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मामले की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू की. डेराबिश के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मदन मोहन कर ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान हेडमास्टर पर लगाए गए आरोप सही पाए गए. जांच में ड्यूटी के दौरान शराब सेवन और बच्चों को स्कूल के भीतर बंद किए जाने की बात सामने आई.

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूल के प्रधान शिक्षक की ओर से किया गया ऐसा आचरण शिक्षण पेशे से जुड़े व्यक्ति के लिए बेहद अनुचित है. बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करना शिक्षक की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां इसके विपरीत स्थिति सामने आई.

विभागीय जांच के बाद हेडमास्टर सस्पेंड

जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शिक्षा विभाग ने सुनाकर नायक के खिलाफ कार्रवाई की. ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मदन मोहन कर के मुताबिक, हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है. विभाग की इस कार्रवाई के बाद मामले ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

अंबुरा गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल में करीब 35 छात्र पढ़ते हैं और वहां दो शिक्षक तैनात हैं. घटना वाले दिन दूसरा शिक्षक छुट्टी पर था. ऐसे में स्कूल में बच्चों की पूरी जिम्मेदारी हेडमास्टर सुनाकर नायक के पास थी. इसी दौरान कथित शराब सेवन के बाद बच्चों को गेट के भीतर बंद कर देने का मामला सामने आया.

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फिलहाल, विभागीय कार्रवाई के बाद हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है. घटना के बाद अभिभावक भी स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.

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