मॉडल ट्विशा शर्मा केस में 17 अगस्त की डेडलाइन, चार्जशीट नहीं आई तो आरोपियों को मिल सकती है बेल

ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए CBI कोर्ट में पेशी हुई. CBI ने दोनों की हिरासत 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 17 अगस्त तक न्यायिक हिरासत बढ़ाई. कोर्ट ने इसी तारीख तक चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब 17 अगस्त अहम तारीख बन गई है.

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 VC के जरिए CBI कोर्ट में हुई गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की पेशी. (File Photo: ITG) VC के जरिए CBI कोर्ट में हुई गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की पेशी. (File Photo: ITG)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:04 PM IST

मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब 17 अगस्त की तारीख बेहद अहम हो गई है. मंगलवार को आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए CBI कोर्ट में पेशी हुई. CBI ने दोनों की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने न्यायिक हिरासत सिर्फ 17 अगस्त तक बढ़ाई. अदालत ने CBI को भी इसी तारीख तक मामले में चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है. ऐसे में अब जांच एजेंसी को 17 अगस्त तक अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में पेश करनी होगी.

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इस तारीख का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि दोनों आरोपियों की 90 दिनों की वैधानिक अवधि भी इसी महीने खत्म होने वाली है. अगर तय समय तक चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो दोनों आरोपी वैधानिक जमानत के लिए अदालत का रुख कर सकते हैं. मंगलवार की सुनवाई के दौरान CBI ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की हिरासत अवधि 19 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की. जांच एजेंसी की मांग पर अदालत ने दोनों को 17 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया.

इसके साथ ही कोर्ट ने CBI को 17 अगस्त तक चार्जशीट दाखिल करने के लिए कहा है. अब जांच एजेंसी के सामने तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की जिम्मेदारी है. अगर 17 अगस्त को चार्जशीट अदालत में पेश कर दी जाती है तो मामले की जांच से जुड़े आरोप और साक्ष्य अदालत के सामने औपचारिक रूप से रखे जाएंगे. वहीं, अगर ऐसा नहीं होता है तो आरोपियों की ओर से वैधानिक जमानत की मांग की जा सकती है.

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CBI ने 19 अगस्त तक हिरासत मांगी थी

दोनों आरोपियों के मामले में 90 दिनों की वैधानिक अवधि भी महत्वपूर्ण है. यह अवधि इसी महीने खत्म होने वाली है. ऐसे मामलों में तय अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं. यही वजह है कि 17 अगस्त की तारीख अब इस केस की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण पड़ाव बन गई है. एक तरफ CBI को चार्जशीट दाखिल करनी है और दूसरी तरफ आरोपियों की वैधानिक अवधि भी पूरी होने के करीब है.

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा, जिन्हें टुकटुक के नाम से भी जाना जाता था, की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं. उन्होंने कुछ विज्ञापनों के अलावा दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम किया था. दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के हाईकोर्ट के वकील समर्थ सिंह से हुई थी. शादी के करीब पांच महीने बाद 12 मई की रात उनका शव ससुराल की छत पर मिला. इसके बाद उनकी मौत को लेकर परिवार और ससुराल पक्ष के बीच अलग-अलग दावे सामने आए.

परिवार ने लगाए हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप

ट्विशा के परिवार ने उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए हैं. परिवार की ओर से मामले में गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद जांच आगे बढ़ी. वहीं, ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की थी. गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज हैं. ट्विशा के परिवार ने उन पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है. इन आरोपों की जांच अब CBI कर रही है.

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मामले की जांच CBI के हाथ में आने के बाद अब अदालत के निर्देश के चलते 17 अगस्त सबसे महत्वपूर्ण तारीख बन गई है. CBI को इसी दिन तक चार्जशीट दाखिल करनी है. वहीं, दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 17 अगस्त तक ही है. उनकी 90 दिनों की वैधानिक अवधि खत्म होने के करीब होने के कारण चार्जशीट दाखिल नहीं होने की स्थिति में वैधानिक जमानत का रास्ता खुल सकता है. फिलहाल अदालत के आदेश के बाद अगला बड़ा घटनाक्रम 17 अगस्त को होगा. इसी दिन यह स्पष्ट होगा कि CBI चार्जशीट दाखिल करती है या नहीं और मामले में आरोपियों की कानूनी स्थिति आगे किस दिशा में जाती है.
 

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