उत्तर प्रदेश आगरा में 10 तेंदुए की खालों की बरामदगी के बाद शुरू हुई अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी की जांच अब मध्य प्रदेश के शिवपुरी और श्योपुर तक पहुंच गई है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में सोमवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब वन्यजीव संरक्षण से जुड़े एक एनजीओ (NGO) के सीईओ कार्तिक नारायण को नोटिस जारी कर शिवपुरी तलब किया गया. शिवपुरी वन विभाग के कार्यालय में अधिकारियों की संयुक्त टीम ने उनसे सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक यानी लगातार 11 घंटे तक मैराथन पूछताछ की.
पुलिस और वन विभाग की जांच में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों भगवान सिंह उर्फ सलीम और वसीम ने पूछताछ के दौरान दावा किया था कि वे कार्तिक नारायण के निर्देश पर वन्य प्राणियों का शिकार कर रहे थे.
इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) और वन विभाग की टीम ने तत्काल एनजीओ सीईओ को नोटिस थमाया. हालांकि, पूछताछ के बाद मीडिया से बात करते हुए सीईओ कार्तिक नारायण ने खुद पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया.
कार्तिक नारायण ने अपना पक्ष रखा, ''हम वन्य जीवों के संरक्षण का कार्य करते हैं और शिकार पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर वन विभाग को सूचनाएं साझा करते हैं. मुझ पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह गलत हैं. जांच एजेंसियां जब भी मुझे पूछताछ के लिए बुलाएंगी, मैं उपस्थित होकर पूरा सहयोग करूंगा.'' देखें VIDEO:-
वहीं, उनके वकील सौरभ भारद्वाज ने बताया कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और अधिकारियों द्वारा अगले दिन भी पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर वे दोबारा मौजूद होंगे.
दिल्ली पुलिस का बर्खास्त जवान है गिरोह का मुख्य सरगना
इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब उत्तर प्रदेश की आगरा एसटीएफ ने 10 तेंदुए की खालों के साथ तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. तार मध्य प्रदेश से जुड़ते ही STSF और केन्द्रीय वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की.
टीम ने गिरोह के मुख्य सरगना भगवान सिंह उर्फ सलीम को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बिजवासन (कैपिटल/CAT के पास) से गिरफ्तार किया. पकड़ा गया आरोपी भगवान सिंह दिल्ली पुलिस का बर्खास्त कर्मचारी है.
श्योपुर और मुरैना से भारी मात्रा में तेंदुए के अवशेष बरामद
जांच एजेंसियों ने इस गिरोह के 8 अन्य सदस्यों को पहले ही श्योपुर और मुरैना जिलों से गिरफ्तार किया है. आरोपियों के ठिकानों से तेंदुए के भारी मात्रा में कंकाल, अवशेष और शिकार में इस्तेमाल होने वाले 3 विशेष 'लेग होल्ड ट्रैप' (लोहे के शिकार फंदे) जब्त किए गए हैं. फिलहाल वन विभाग और एसटीएसएफ की टीम इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल में जुटी है.
मनोज भार्गव