पेड़ से गिरा शख्स, हॉस्पिटल ले गए परिजन तो वहां लिफ्ट ही गिर गई... दबने से हुई दर्दनाक मौत

मध्य प्रदेश के रीवा स्थित नेशनल हॉस्पिटल में लिफ्ट गिरने से 50 वर्षीय मरीज सुरेश सेन की दर्दनाक मौत हो गई. सुरेश पेड़ से गिरकर घायल होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे. रात करीब 8 बजे उन्हें लिफ्ट से ऊपरी मंजिल पर ले जाया जा रहा था, तभी लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई. हादसे में उनकी गर्दन फंस गई, जिससे मौत हो गई.

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मरीज की मौत के बाद हॉस्पिटल के बाहर हंगामा करते परिजन. (photo: Screengrabs) मरीज की मौत के बाद हॉस्पिटल के बाहर हंगामा करते परिजन. (photo: Screengrabs)

हरिओम सिंह

  • रीवा,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक निजी अस्पताल में लिफ्ट गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया. हादसा रविवार रात करीब 8 बजे नेशनल हॉस्पिटल में हुआ, जहां इलाज के लिए आए 50 वर्षीय मरीज सुरेश सेन की लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई. हादसे में लिफ्ट में सवार अन्य लोग भी घायल हुए हैं. घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

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जानकारी के मुताबिक, सुरेश सेन मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के निवासी थे. वह पेड़ से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए थे. परिजन उन्हें इलाज के लिए रीवा के नेशनल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे. रात करीब 8 बजे उन्हें अस्पताल के ऊपरी फ्लोर पर ले जाने के लिए लिफ्ट से परिजन ले जा रहे थे. इसी दौरान अचानक लिफ्ट भरभरा कर नीचे गिर गई.

लिफ्ट के अचानक नीचे गिरने से सुरेश सेन की गर्दन उसमें फंस गई. गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई. वहीं, लिफ्ट में मौजूद अन्य लोगों को भी चोटें आईं. हादसे के बाद अस्पताल में चीख-पुकार मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई.

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि हादसे वाले दिन ही अस्पताल की लिफ्ट खराब हुई थी और एक मरीज उसके अंदर फंस गया था. परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद लिफ्ट को ठीक कराए बिना उसका इस्तेमाल किया गया. उनका कहना है कि अगर समय रहते लिफ्ट की मरम्मत करा दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था.

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मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
घटना से गुस्साए मृतक के परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की. देर शाम तक परिजन प्रदर्शन करते रहे. बाद में अस्पताल प्रबंधन की ओर से 16 लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही गई. वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. लिफ्ट में तकनीकी खराबी और अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. 

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