नाजिया इलाही खान ने उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर किया तर्पण, बोलीं- औरंगजेब ने पिता को पानी के लिए तरसाया, मैं ऐसे मजहब से क्या सीखूं?

Ujjain News: सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने सर्व पितृ अमावस्या पर उज्जैन के रामघाट पर किया पूर्वजों का पिंडदान. कहा- '35 साल का सबसे खूबसूरत दिन, जल्द मिलेगी धर्म परिवर्तन की खबर.' पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

Advertisement
नाजिया इलाही खान ने उज्जैन के रामघाट पर किया पूर्वजों का पिंडदान.(Photo:ITG) नाजिया इलाही खान ने उज्जैन के रामघाट पर किया पूर्वजों का पिंडदान.(Photo:ITG)

संदीप कुलश्रेष्ठ

  • उज्जैन,
  • 10 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:51 PM IST

मध्य प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जैन की पावन धरा पर शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या के अवसर पर सनातन संस्कृति की अनूठी बानगी देखने को मिली. सुप्रीम कोर्ट की जानी-मानी वकील नाजिया इलाही खान उज्जैन पहुंचीं और मोक्षदायिनी मां शिप्रा के रामघाट पर विधि-विधान से अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जल दान, तर्पण और पिंडदान किया.

Advertisement

नाजिया इलाही ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए और बकरीद के नाम पर उनके द्वारा दी गई बेजुबान जानवरों की कुर्बानी के प्रायश्चित व क्षमा याचना के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान किया है. उन्होंने इस निर्णय को अपने 35 वर्ष के जीवन का सबसे अहम और खूबसूरत फैसला करार दिया.

उज्जैन के रामघाट पर तीर्थ पुरोहितों के सानिध्य में पूरे रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना करने के बाद नाजिया इलाही खान ने कहा कि तर्पण पूजन करने के बाद उनका मन पूरी तरह हल्का हो गया है.

उन्होंने कहा, ''मैंने अपने जीवन में कई बड़े फैसले लिए हैं, लेकिन सर्व पितृ अमावस्या पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन आकर शिप्रा के तट पर पूर्वजों का तर्पण करने का निर्णय मेरे जीवन का सबसे खास और खूबसूरत निर्णय है. अपने पूर्वजों के मोक्ष के साथ-साथ उनके द्वारा जाने-अनजाने में दी गई बकरों की कुर्बानी के लिए भी मैंने ईश्वर से क्षमा याचना की है.''

Advertisement

'औरंगजेब ने पिता को पानी के लिए तरसाया, ऐसे इतिहास से क्या सीखूं?'

तर्पण के बाद मीडिया से बातचीत में नाजिया इलाही खान ने अन्य मजहब की कुरुतियों पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा, ''मुगलकाल में औरंगजेब ने अपने पिता को पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसाया और अपने ही भाई का गला काटा. जहां पूर्वजों और माता-पिता का कोई सम्मानजनक जिक्र न हो, वहां से कोई क्या सीखेगा? दूसरी ओर, सनातन धर्म में पूर्वजों के मोक्ष और तर्पण की इतनी सुंदर व्यवस्था है कि पूजन करते वक्त मैं भावुक हो गई.''

सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वालों को करारा जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वे एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक देश में रहती हैं. जब देश का संविधान और कानून उन्हें इसकी अनुमति देता है, और जब गयाजी में अंग्रेज, यहूदी व जैन समाज के लोग तर्पण कर सकते हैं, तो उन पर सवाल उठाने वालों के पास कोई वैज्ञानिक व तथ्यात्मक जवाब नहीं है. देखें VIDEO:- 

सनातन धर्म अपनाने और धर्म परिवर्तन के दिए संकेत

सनातन धर्म अपनाने और धर्म परिवर्तन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए नाजिया इलाही खान ने बेहद साफ शब्दों में कहा कि जिस गहराई से उन्होंने सनातन धर्म की परंपराओं, दर्शन और सत्य को समझा है, उसके बाद अब आगे यही एक सच्चा मार्ग शेष रह जाता है. देखें VIDEO:- 

Advertisement

उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही लोगों को उनके औपचारिक धर्म परिवर्तन से जुड़ी खबर भी सुनने को मिलेगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »