मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ की पंजाबी कॉलोनी में साढ़े चार साल के बच्चे की मौत से इलाके में मातम पसरा है. बच्चे का नाम कृष्णपाल उर्फ बाबू था. पुलिस का कहना है कि करीब 10 से 15 दिन पहले चॉकलेट को लेकर हुए विवाद के बाद पड़ोस में रहने वाली साढ़े 12 साल की बच्ची के मन में नाराजगी थी. आरोप है कि 24 अक्टूबर को उसने चॉकलेट देने के बहाने बाबू को अपने घर बुलाया और पानी की टंकी में धकेल दिया. पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया है.
पुलिस का कहना है कि बाबू की मां ने करीब 10 से 15 दिन पहले पड़ोस में रहने वाली बच्ची को डांटा था. वजह चॉकलेट थी. आरोप है कि बच्ची ने बाबू की चॉकलेट ले ली थी, जिस पर उसकी मां ने नाराजगी जताई थी. पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर बच्ची के मन में बदले की भावना पैदा हो गई.
24 अक्टूबर की दोपहर करीब दो बजे बाबू लापता हो गया. परिवार के लोग उसे तलाशने लगे. आसपास खोजबीन की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आसपास के घरों की तलाशी ली. संदेह के आधार पर पड़ोस के एक घर की जांच की गई. वहां बनी पानी की टंकी से बाबू का शव बरामद हुआ. आरोप है कि बच्ची ने उसे टंकी में धकेलने के बाद ढक्कन बंद कर दिया था और उसके ऊपर पत्थर भी रख दिया था.
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बाबू अपने परिवार में तीन बहनों का इकलौता भाई था. जिस बच्चे की हंसी से घर गुलजार रहता था, उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिवार पानी-पतासे का ठेला लगाकर गुजारा करता था. घटना के बाद बाबू के माता-पिता घर पर ताला लगाकर आगरा चले गए हैं. जिस मकान की पानी की टंकी से बच्चे का शव मिला, उसे पुलिस ने सील कर दिया है. आरोपी बच्ची का परिवार भी फिलहाल वहां से चला गया है. पंजाबी कॉलोनी में बंद मकान और सन्नाटे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है.
पूछताछ और पोस्टमार्टम के बाद दर्ज हुआ केस
मंदसौर के एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि शामगढ़ थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पूछताछ में नाबालिग लड़की ने घटना में अपनी भूमिका बताई. पोस्टमार्टम के बाद मिले तथ्यों के आधार पर भी पुलिस ने मामले में कार्रवाई की. पुलिस ने नाबालिग लड़की को कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया.
एसपी विनोद कुमार मीना ने बच्चों के मानसिक विकास और उनके व्यवहार को समझने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी बात पर समझाने का तरीका अहम होता है. माता-पिता को यह भी ध्यान देना चाहिए कि बच्चे सोशल मीडिया पर क्या देखते हैं और किन चीजों से प्रभावित हो रहे हैं. फिलहाल पुलिस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है.
अजय बाड़ोलिया